
जयपुर।
राजस्थान यूनिवर्सिटी के महारानी कॉलेज में तीन मजार बन गई, ABVP ने इन्हें तुरंत हटाने की मांग की है। महारानी कॉलेज लड़कियों का कॉलेज है तो यहां पुरुषों की एंट्री कैसे हो गई? छात्राओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सामाजिक संगठनों ने इन मजारों को लेकर आपत्ति दर्ज की है। इनका मानना है की छात्राओं के कॉलेज में आखिर ये मजार किसने बनाई?
राजस्थान विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी राधेश्याम शर्मा ने बताया कि महारानी कॉलेज जयपुर का प्रसिद्ध गर्ल्स कॉलेज है। जिस परिसर में मजार बनी है, वहां कभी इस कॉलेज की प्रिंसिपल का निवास हुआ करता था। लेकिन, इन दिनों वहां कोई नहीं रहता है। उस परिधि में अमूमन लोगों की आवाजाही नहीं होती, ऐसे में मजार कब बनी, इसका किसी को पता नहीं है।
महारानी कॉलेज का पम्प हाउस इस जमीन पर बना है। एक पानी की टंकी भी बनी है, इसके मेंटेनेंस की जिम्मेदारी एक कर्मचारी के पास है, उसका कहना है की उसने एक मजार तो बनी हुई देखी है लेकिन, बाकी दो मजार कब बन गई इसका पता नहीं चला। इसके कॉलेज प्रशासन पर भी सवाल खड़ा होता है कि परिसर में मजारें बन गईं और कॉलेज प्रशाशन कर्मियों को पता ही नहीं चला, ऐसा कैसे हो सकता है?
कॉलेज परिसर में बनी मजार को लेकर कॉलेज प्रिंसिपल पायल लोढ़ा ने कहा की उनको अभी 6 महीने ही हुए हैं। ये मजारें पहले से ही बनी है। कॉलेज में आने-जाने के सभी मार्गों पर पुरुषों का प्रतिबंध है, लेकिन एक गेट डिग्गी पैलेस के साथ से भी है, जो सर्वेंट क्वाटरों के लिए है। संभव है कि उधर से कोई आता जाता हो। फिलहाल इन मजारों के कारण कॉलेज की छात्राओं की सुरक्षा में किसी तरह की चूक नहीं है। आगे इस संबंध में अवगत कराया जाएगा, जो उचित होगा कार्रवाई करेंगे।
राजस्थान विश्वविद्यालय के ABVP के छात्रों का कहना है कि सरकारी शिक्षण संस्थांन में किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधियां नहीं होनी चाहिए। कॉलेज प्रशासन अपने स्तर पर इन तीन मजारों को हटाएं नहीं तो ABVP इसका विरोध करेगा और आंदोलन करेगा।





