
नई दिल्ली।
मध्यम वर्ग का दूसरे देशों में बसने का सपना अब सच हो गया है। अब आप कम पैसे में भी विदेशों में जाकर बसना चाहते हैं तो तैयार हो जाइए। दुनिया में कई देश ऐसे भी हैं जहां जाकर बसना इतना खर्चीला नहीं है जितना पहले होता था। अब मध्यम वर्ग के लोग भी बहुत कम खर्च में विदेशों में जाकर बस सकते हैं। लेकिन जाने से पहले संबंधित देशों के दूतावासों से पूरी प्रक्रिया की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। क्योंकि यहां दी गई जानकारी विभिन्न सूत्रों से ली गई है। अतः आधिकारिक कार्यालयों से इसकी जांच अवश्य करें।

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भारतीय नागरिकों के लिए AED 1,00,000 यानी लगभग 23.4 लाख रुपये की एकमुश्त फीस पर लाइफटाइम गोल्डन वीजा शुरू किया है। ये पूरी तरह से नॉमिनेशन-बेस्ड है। इसमें न तो कोई न्यूनतम वेतन की सीमा है और न ही आपको प्रॉपर्टी या बिजनेस में निवेश करने की जरूरत है।

उरुग्वे कम लागत वाला स्थायी निवास हो सकता है जिसमें किसी निवेश की जरूरत नहीं होती है। आवेदकों को पेंशन, व्यावसायिक लाभ या दूरस्थ कार्य से 1,500-2,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 1.3-1.7 लाख रुपये) की स्थिर मासिक आय साबित करनी होगी।

पनामा के लिए मुख्य आवेदक के लिए 5,000 अमेरिकी डॉलर (4.25 लाख रुपये) जमा करने की जरूरत होती है, साथ ही प्रत्येक आश्रित के लिए 2000 अमेरिकी डॉलर। जमा राशि कम है, लेकिन कानूनी और प्रसंस्करण शुल्क सहित कुल लागत आम तौर पर 15 से 20 लाख रुपये के बीच होती है।

पराग्वे में तो आप फ्री में भी जाकर बस सकते हैं। पराग्वे पहले अपने स्थानीय बैंक में 5000 अमेरिकी डॉलर ( करीब 4.25 लाख रुपये) जमा करके भारतीयों को स्थायी निवास प्रदान करता था। लेकिन अब बैंक में पैसा जमा कराने के नियम को भी खत्म कर दिया गया है। नए नियमों के तहत, बैंक में पैसा जमा करने की जरूरत नहीं है। भारतीय नागरिक अब अस्थायी निवास के लिए आवेदन कर सकते हैं और दो साल से कम समय में स्थायी स्थिति में जा सकते हैं।

पुर्तगाल भारतीयों के लिए यूरोप के सबसे अच्छे गंतव्यों में से एक बना हुआ है। D7 वीजा के माध्यम से, आर्थिक रूप से स्वतंत्र व्यक्ति पुर्तगाल में दीर्घकालिक पट्टे या संपत्ति के साथ लगभग EUR 10,440 (INR 9 लाख) की सालाना आय दिखाकर स्थाई निवास प्राप्त कर सकते हैं। आवेदकों को देश में साल में कम से कम 183 दिन रहना होगा और 5 साल बाद वे नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं।










