
नई दिल्ली।
भारत में नमक की खपत जरूरत से ज्यादा हो रही है नमक का अधिक सेवन हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक, हार्ट अटैक और किडनी रोगों का बड़ा कारण बन रहा है। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी (ICMR-NIE) ने “कम्युनिटी-लीड सॉल्ट रिडक्शन” नाम से एक विशेष पहल की शुरुआत की है। फिलहाल यह पहल अभी पंजाब और तेलंगाना में शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य नमक की खपत को कम करना है।
अनुसार, प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 5 ग्राम से कम नमक खाना चाहिए। लेकिन भारत में औसतन शहरी क्षेत्रों में 9.2 ग्राम और ग्रामीण क्षेत्रों में 5.6 ग्राम प्रतिदिन नमक का सेवन हो रहा है।
इस परियोजना का नेतृत्व कर रहे डॉ. शरण मुरली के अनुसार, “कम सोडियम वाले नमक का उपयोग करने से औसतन 7/4 mmHg तक ब्लड प्रेशर घटाया जा सकता है, जो एक छोटा लेकिन प्रभावी कदम है।”
लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए ICMR-NIE ने सोशल मीडिया पर #PinchForAChange नाम से एक अभियान भी शुरू किया है। ट्विटर और लिंक्डइन पर चल रहे इस अभियान में इन्फोग्राफिक्स, तथ्य और सरल संदेशों के जरिए लोगों को छिपे हुए नमक स्रोतों और कम सोडियम विकल्पों के बारे में जानकारी दी जा रही है।







