
‘युवा आध्यात्मिक सम्मेलन’ नशा मुक्त भारत अभियान की दिशा में एक बड़ा कदम है। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस सम्मेलन पर आधारित एक लेख को साझा करते हुए इस मुहिम में युवाओं की भागीदारी को जमकर सराहा। यह सम्मेलन ‘माय भारत’ (MY Bharat) पहल के तहत काशी के पावन घाटों पर आयोजित किया गया, जिसका विषय था “विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा”। यह आयोजन मोदी सरकार की नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत हुआ, जिसका उद्देश्य युवाओं की अगुवाई में देश को नशे की लत से मुक्त बनाना है।
इस सम्मेलन में देशभर से आए युवा नेता, आध्यात्मिक गुरु और सामाजिक प्रभावशाली व्यक्तित्व शामिल हुए। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य, आध्यात्मिक जागरूकता और सामुदायिक सहयोग के जरिए नशा मुक्ति के व्यापक उपायों पर चर्चा की। सम्मेलन के दौरान कई जागरूकता सत्र, संकल्प कार्यक्रम और युवा केंद्रित अभियान शुरू किए गए, ताकि पूरे देश में एकजुटता और सामूहिक भागीदारी के जरिए नशा मुक्त भारत का संदेश दिया जा सके।
युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने अपने पोस्ट में कहा है कि यह सम्मेलन केवल एक आध्यात्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ एक राष्ट्रीय युवा आंदोलन की शुरुआत है। उन्होंने लिखा, “यह एक राष्ट्रीय उद्देश्य के लिए आध्यात्मिक जागरण है। भारत के युवा अब नशे की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए नेतृत्व कर रहे हैं।”







