अमेरिका ने कनाडा मेक्सिको, भारत, चीन समेत कई देशों पर टैक्स बढ़ा दिया जिससे आम अमेरिकी लोगों की थाली होने लगी खाली

अमेरिका ने कनाडा मेक्सिको, भारत, चीन समेत कई देशों पर टैक्स बढ़ा दिया जिससे आम अमेरिकी लोगों की थाली खाली होने लगी है। ट्रंप के बढ़ते टैरिफ के चलते अमेरिका में विदेशों से आने वाला खाने-पीने का सामान महंगा हो गया है। अब हर आम अमेरिकी को अपनी थाली की चिंता सताने लगी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपनी सनक के चलते आम नागरिक की थाली में छेद कर दिया है। अमेरिका में खाद्य पदार्थों का घरेलू उत्पादन कम होने के कारण अमेरिका विदेशी खाद्य आयात पर निर्भर है और अब महंगाई सीधे जनता की रसोई पर वार कर रही है।

वहां के लोग जो खाते हैं, उसका बड़ा हिस्सा विदेशों से से आता है। ट्रंप के नए टैरिफ के बाद अब ये विदेशी सामान महंगे हो गए हैं और सीधा असर आम लोगों की थाली पर पड़ रहा है। डोनाल्ड ट्रंप जब से दोबारा राष्ट्रपति बने हैं, उन्होंने टैरिफ बढ़ाने की रफ्तार तेज कर दी है। उनके मुताबिक इससे अमेरिका ‘फिर से महान’ बनेगा। लेकिन सवाल ये उठता है कि जब अमेरिका खुद खाने का इतना उत्पादन नहीं करता, तो विदेशी सामान पर टैक्स बढ़ाकर क्या वो अपने ही लोगों की थाली नहीं खाली कर रहा है?

अमेरिका में मांस, मछली, गेहूं, मक्का, ओट्स और मैपल सिरप जैसी ज़रूरी चीज़ें कनाडा से आती हैं। सब्ज़ियां और फल जैसे टमाटर, एवोकाडो, प्याज, पालक, तरबूज, आम—जैसी चीज़ें अमेरिका में रोज़ की ज़रूरत हैं, और ये ज़्यादातर मेक्सिको से आती हैं। भारत से अमेरिका सबसे ज़्यादा झींगा मछली (फ्रोजन श्रिम्प) मंगाता है।

ऑस्ट्रेलिया से भेड़ का मांस आता है। ब्राज़ील से संतरे का रस मंगाया जाता है। चीन, अमेरिका को सेब का जूस और फ्रोजन फिश भेजता है। चिली से अंगूर और पोल्ट्री उत्पाद आते हैं। कोलंबिया से कच्ची कॉफी आती है। ग्वाटेमाला से केला, कोस्टारिका से अनानास, वियतनाम से काजू और काली मिर्च, थाईलैंड से चावल, आयरलैंड से मक्खन, और इटली से चीज और ऑलिव ऑयल जैसे सामान अमेरिका की थाली का हिस्सा हैं।

जब टमाटर से लेकर तेल तक महंगा हो जाएगा, तो सबसे बड़ा असर आम अमेरिकी की जेब और रसोई पर पड़ेगा। खाने की थाली, जो अब तक दुनिया भर के स्वाद से भरी थी, वह अब धीरे-धीरे खाली होती नजर आ रही है।

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