
नई दिल्ली।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन में सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने विभाजन की त्रासदी और 14 अगस्त को मनाए गए “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस” का उल्लेख करते हुए पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि 1947 में आज़ादी के समय देश अत्यंत गरीबी में था, लेकिन बीते 78 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में असाधारण प्रगति की है और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि आर्थिक मोर्चे पर कि बीते वित्तीय वर्ष में 6.5% GDP वृद्धि दर के साथ भारत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज बढ़ता देश है। महंगाई नियंत्रित है, निर्यात बढ़ रहे हैं और घरेलू मांग मजबूत है। अच्छी नीतियों, सुधारों और मेहनतकश किसानों व मजदूरों के योगदान से करोड़ों लोग गरीबी से बाहर आए हैं, असमानता और क्षेत्रीय विषमताएं कम हो रही हैं।
राष्ट्रपति ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को राष्ट्रीय विकास का आधार बताया और स्वदेशी उत्पादों के उपयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनने की दिशा में युवा, महिलाएं और वंचित समुदाय मुख्य भूमिका निभाएंगे।
राष्ट्रपति ने इस वर्ष हुए आतंकी हमलों और पहलगाम में निर्दोष नागरिकों की हत्या की निंदा करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को निर्णायक और ऐतिहासिक करार दिया। इसमें भारतीय सेनाओं ने सीमापार आतंकी ठिकानों को नष्ट किया और यह आत्मनिर्भर भारत मिशन की रक्षा क्षेत्र में सफलता का भी उदाहरण बना। उन्होंने कहा कि भारत कभी आक्रामक नहीं होगा, लेकिन अपने नागरिकों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।







