
नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में लाल किले को भारत के उत्थान के अगले अध्याय के लिए एक शुभारंभ-स्थल में बदल दिया। आज पीएम मोदी ने कई साहसिक घोषणाएं कीं, जो एक ऐसे राष्ट्र का संकेत देती हैं, जो भविष्य में केवल कदम रखने के लिए नहीं, बल्कि छलांग लगाने के लिए तैयार है।
भारत की पहली सेमीकंडक्टर चिप बनाने से लेकर जेट इंजन बनाने तक, दस गुना परमाणु ऊर्जा विस्तार से लेकर युवाओं के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के रोज़गार प्रोत्साहन तक, उनका संदेश स्पष्ट था कि भारत अपना भाग्य स्वयं परिभाषित करेगा, अपनी शर्तें स्वयं निर्धारित करेगा और 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य निर्धारित करेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत इस वर्ष के अंत तक अपनी पहली मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप का शुभारंभ करेगा। अगले दो दशकों में परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता को दस गुना से अधिक बढ़ाने के भारत के मिशन के तहत 10 नए परमाणु रिएक्टरों पर काम चल रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के बजट का एक बड़ा हिस्सा अभी भी पेट्रोल, डीज़ल और गैस के आयात में खर्च हो जाता है। उन्होंने समुद्री संसाधनों के उपयोग के लिए राष्ट्रीय डीपवाटर अन्वेषण मिशन की शुरुआत तथा सौर, हाइड्रोजन, जलविद्युत और परमाणु ऊर्जा में बड़े विस्तार की घोषणा की।
मोदी ने कहा कि जिस तरह हमने कोविड के दौरान टीके बनाए और डिजिटल भुगतान के लिए यूपीआई का उपयोग किया, उसी तरह हमें अपने जेट इंजन भी बनाने चाहिए। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास में तेज़ी लाने, लालफीताशाही कम करने, शासन का आधुनिकीकरण करने और 2047 तक भारत को 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ज़रूरतों के लिए तैयार करने के लिए सुधार कार्य बल के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।








