ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म को कानूनी दायरे में लाया जाएगा और डिजिटल ऐप्स के माध्यम से जुआ खेलने पर सजा का प्रावधान किया जाएगा

नई दिल्ली।

ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म को कानूनी दायरे में लाया जाएगा और डिजिटल ऐप्स के माध्यम से जुआ खेलने पर सजा का प्रावधान किया जाएगा। ऑनलाइन गेमिंग को विनियमित करने वाले एक विधेयक को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है और कल इसे लोकसभा में पेश किए जाने की तैयारी है।

प्रस्तावित कानून में लत, धोखाधड़ी और राज्य के कानूनों में विसंगतियों पर चिंता जताई गई है और इसमें दंड और सज़ा के प्रावधान भी हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय या MeitY को ऑनलाइन गेमिंग के लिए केंद्रीय नियामक के रूप में नामित किया जा सकता है। इस विधेयक का उद्देश्य अनधिकृत ऑनलाइन सट्टेबाजी पर भी रोक लगाना है। सरकार ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र पर सख्ती करने की प्रक्रिया में है, जिसके तहत ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाएगा।

वित्तीय वर्ष 2024-25 से जीत पर 30 प्रतिशत कर लगाया गया। विदेशी गेमिंग प्लेटफॉर्म को भारतीय कर के दायरे में लाया गया है और अपंजीकृत या अवैध गेमिंग साइटों को ब्लॉक कर दिया गया है।

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