
नई दिल्ली।
आज वरिष्ठ नागरिक दिवस की पूर्व संध्या पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसका विषय था “वरिष्ठ नागरिकों के बेहतर भविष्य की परिकल्पना”।
कार्यक्रम का शुभारंभ अन्तराष्टीय वृद्धजन सम्मान समिति संस्था के अध्यक्ष श्री वीडी अग्रवाल संस्था के सह संस्थापक एव महासचिव डा. गिरीश सी गुप्ता ने किया गोष्ठी में प्रकाश डालते हुए कर्नल ए.एम नायडू ने कहा कि वरिष्ठ जन अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और परिवार से जुडकर उचित समय पर संपत्ति का बंटवारा करें,श्री एस के मिश्रा और श्री विजय कुमार जी ने जनरेशन गैप कम करने पर जोर दिया।
श्री फूल सिंह जी ने कहा कि मन की हारे हार है मन के जीते जीत हम अपने को वृद्ध ना समझे कप्तान भानु प्रताप सिंह ने राष्ट्रीय भावना को हृदयगामी करने के लिए कहा श्री राम किशन अग्रवाल जी ने कहा कि जीवन की आपा धापी में रिश्तों की कीमत ना भूले, श्री संजीव चतुर्वेदी, संजय कुमार और श्री महेश गोयल जी ने कहा की हम वरिष्ठ नागरिक को ही बदलना होगा जैसा हम बोयेंगे वैसा ही काटेंगे।
श्री राजेश मालीवाल जी ने कहा हमें केंद्र सरकार की ओर से वरिष्ठ नागरिकों को दी गई सुविधाएं, निर्देशों का ध्यान रखना चाहिए। श्री अशोक चौबे जी ने रामचरितमानस की चैपाई “अब मोहे का आरोप हनुमान बिन हरि कृपा मिले नहीं” इस मंत्र को वरिष्ठ नागरिक को याद रखने को कहा।
अशोक कुमार गोयल, महेश गोयल सन्देश कुमार दुबे, मोहन लाल, जगदीश प्रसाद शर्मा, राजकुमार दीक्षित, अशोक कुमार शर्मा, संजीव चैबे, राम किशन अग्रवाल, सुशील यादव, एस.के. मिश्रा, मदन मोहन नैययर, कर्नल राजेश मालीवाल, संजय कुमार एडवोकेट, नरेन्द्र कुमार लवानियां फूल सिंह सिकरवार, विजय कुमार, कैप्टन भानुप्रताप सिंह, गोविन्द सिंह भण्डारी कर्नल ए,एम, नायडू, डा. पी.एन. अरोरा ब्रिगिडियर विनोद दत्ता, राजकुमार चतुर्वेदी , डा. रामबाबू गुप्ता नितिन गुप्ता ने वरिष्ठ नागरिकों के एकांतवास को दूर करने का प्रयास करने के लिए बल दिया।
अंत में डा. श्री वीडी अग्रवाल जी ने कहा कि मैं वरिष्ठ नागरिक को निःशुल्क जमीन दे सकता हूं। हमने चिकित्सकों द्वारा सस्ता इलाज और यदि संभव है तो निःशुल्क इलाज की व्यवस्था की है।
उन्होंने जैनेरिक दवाइयाँ के चलन पर जोर दिया और कहा कि वृन्दावन में अगर किसी वृद्ध को रहना है तो अपनी टाउनशिप में भी अमंत्रित करता हूं। अंत में श्री राजेश गोयल जी ने सभी आगन्तुकों का स्वागत किया व कार्यक्रम में शामिल होने के लिए धन्यवाद दिया।







