
नई दिल्ली।
चंद्रप्रभु जैन उच्च अध्ययन महाविद्यालय एवं विधि विद्यालय, नरेला, दिल्ली ने 25-30 अगस्त, 2025 तक “शैक्षणिक उत्कृष्टता हेतु क्षमता निर्माण: प्रभावी शिक्षण एवं अनुसंधान हेतु रणनीतियाँ” विषय पर एआईसीटीई प्रशिक्षण एवं शिक्षण (एटीएएल) अकादमी द्वारा प्रायोजित एक सप्ताह का ऑनलाइन संकाय विकास कार्यक्रम (एफडीपी) सफलतापूर्वक आयोजित किया।
एफडीपी में पूरे भारत से संकाय सदस्यों, शोधार्थियों, उद्योग जगत के पेशेवरों और स्नातकोत्तर छात्रों सहित 225 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
इन सत्रों का उद्देश्य शिक्षण एवं अनुसंधान कौशल को सुदृढ़ बनाना, नवीन शिक्षण पद्धति को बढ़ावा देना और शिक्षाविदों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना था।
इस कार्यक्रम में श्री विवेक (कॉग्निजेंट), डॉ. नमिता राजपूत (दिल्ली विश्वविद्यालय), डॉ. साक्षी वर्मानी (ऋषिहुड विश्वविद्यालय), डॉ. अनुराधा चुग (जीजीएसआईपीयू), डॉ. लीना सिंह (गलगोटिया कॉलेज), सुश्री सुधा भाटिया (एमिटी विश्वविद्यालय, दुबई), सुश्री मोनिका आर्य बहेल (स्किलोपीडिया, दुबई) और डॉ. जसप्रीत कौर (दिल्ली स्कूल ऑफ बिजनेस) जैसे प्रख्यात विशेषज्ञ शामिल हुए। सत्रों में शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मानव संसाधन परिवर्तन, जीवन कौशल, पर्यावरण शासन, स्वदेशी ज्ञान और प्रबंधन शिक्षा में उभरते रुझान सहित विविध विषयों पर चर्चा की गई।
एफडीपी का समापन एक ऑनलाइन मूल्यांकन, फीडबैक सत्र और समापन समारोह के साथ हुआ। प्रतिभागियों को इसके लिए आवश्यक मानदंडों को पूरा करने पर एआईसीटीई-एटीएएल प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
डॉ. अभिषेक जैन (महासचिव, सीपीजे समूह), डॉ. युगांक चतुर्वेदी (महानिदेशक) और डॉ. ज्योत्सना सिन्हा (निदेशक) के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. पारुल अग्रवाल और सुश्री सौम्या गोयल ने किया।
यह पहल अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और शोध-आधारित शिक्षा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।







