सरकारी कर्मचारियों व पेंशनधारकों के महंगाई भत्ते में 11% की वृद्धि करके पुष्कर सिंह धामी ने लाखों लोगों को तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पांचवें केंद्रीय वेतनमान में वेतन पाने वाले सार्वजनिक निकायों और उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए 01 जनवरी, 2025 से महंगाई भत्ते की वर्तमान दर को लागू करने की मंजूरी दी है।
उत्तराखंड की धामी सरकार ने पांचवें वेतन आयोग और छठे वेतन आयोग के आधार पर वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में अलग-अलग तरीके से बढ़ोतरी की है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सार्वजनिक निकायों और उपक्रमों के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है।
डीए (महंगाई भत्ता) कर्मचारियों और पेंशनधारकों को महंगाई की दर से राहत देने के लिए दिया जाता है। इसकी गणना महंगाई दर (सीपीआई–कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स) पर आधारित होती है। डीए अलग-अलग कर्मचारियों के लिए अलग नियम से तय होता है।
राज्यों में डीए की गणना केंद्र सरकार की घोषणा पर आधारित होती है। अधिकांश राज्य (यूपी, एमपी, राजस्थान, बिहार, झारखंड, ओडिशा, केरल आदि) केंद्र सरकार की ही डीए दरें लागू करते हैं, लेकिन कुछ हफ्तों या महीनों की देरी से इसकी मंजूरी दी जाती है। कुछ राज्य (तमिलनाडु, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल) केंद्र सरकार की दर को आधार बनाकर अपने हिसाब से डीए तय करते हैं, लेकिन प्रतिशत आमतौर पर वही रहता है। डीए का भुगतान राज्य कर्मचारियों और राज्य पेंशनर्स को भी बेसिक सैलरी और पेंशन पर प्रतिशत के रूप में दिया जाता है।





