देश में बनी चिप से चलाया टेलीकॉम सिस्टम, स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप भारत की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए बड़ा मोड़

नई दिल्ली।

देश में बनी चिप से चलाया गया टेलीकॉम सिस्टम। स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप भारत की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए बड़ा मोड़ है। इससे भारत की टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, विदेशी चिप पर निर्भरता घटेगी और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को नई ताकत मिलेगी।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे देश की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि अब भारत में बनाए गए चिप्स इतने भरोसेमंद और हाई क्वालिटी वाले हो गए हैं कि वे टेलीकॉम सिस्टम को आसानी से चला सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरते हैं।

TEC की तरफ से मिली ये मंजूरी सिर्फ नियमों का पालन करने का सर्टिफिकेट नहीं है, बल्कि इसका मतलब है कि ये प्रोडक्ट बहुत अच्छे से काम करता है और सुरक्षित भी है। इससे भारत में बनी चिप को दुनिया भर के अन्य बढ़िया चिप के बराबर माना जाएगा। इसका फायदा ये होगा कि ये चिप ना सिर्फ भारत में इस्तेमाल हो सकेंगे, बल्कि विदेशों में भी आसानी से बेचे जा सकेंगे।

कई सालों तक भारत को चिप के लिए विदेशों पर बहुत ज्यादा निर्भर रहना पड़ता है। चाहे स्मार्टफोन हो, टेलीकॉम टावर हो, कार हो या डेटा सेंटर, हर जगह इपोर्ट की गई चिप का इस्तेमाल होता है। TEC की मंजूरी का मतलब है कि अब भारत खुद अपने बनाए चिप पर भरोसा कर सकता है और विदेशों से चिप खरीदने की जरूरत धीरे-धीरे कम होगी। यह ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे सरकार के बड़े लक्ष्य पूरे करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

भारत मुख्य रूप से उन चिप्स को बनाना चाहता है जो 28nm से 65nm टेक्नोलॉजी पर बेस्ड हैं। ये नए और सबसे आधुनिक तो नहीं हैं, लेकिन टेलीकॉम, गाड़ियों और फैक्ट्री में काम आने वाले उपकरणों के लिए बहुत जरूरी हैं।

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