नई दिल्ली।
उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन 452 वोट पाकर विजयी हुए हैं। सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु से आते हैं और ओबीसी समुदाय से हैं। अगले साल तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होने हैं और यहां बीजेपी ने एआईएडीएमके से गठबंधन किया हुआ है। बीजेपी को राधाकृष्णन का फायदा राज्य में मिल सकता है।
बीजेडी, बीआरएस और अकाली दल ने उपराष्ट्रपति चुनाव से दूरी बनाई और वोटिंग से अनुपस्थित रहे।
सीपी राधाकृष्णन ने दक्षिण भारत के दूसरे राज्यों में भी काम किया है। सीपी राधाकृष्णन भारत के 15वें उपराष्ट्रपति बन गए हैं। 67 वर्षीय राधाकृष्णन, जो वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे हैं। अब वह उपराष्ट्रपति का पद संभालेंगे।
सीपी राधाकृष्णन का जन्म तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले में हुआ। 17 साल की उम्र से ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े हुए हैं। बीजेपी के साथ उनका लंबा सफर रहा है। उनका राजनीतिक सफर 1998 में शुरू हुआ, जब वे कोयंबटूर से लोकसभा के लिए चुने गए थे।
2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में राधाकृष्णन कोयंबटूर से बीजेपी के उम्मीदवार रहे। 2014 में उन्होंने 3.89 लाख से अधिक वोट हासिल किए और दूसरे स्थान पर रहे। 2016 से 2020 तक वे केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत कोयर बोर्ड के चेयरमैन रहे। सीपी राधाकृष्णन 2023 में झारखंड के राज्यपाल नियुक्त हुए। फरवरी 2024 में महाराष्ट्र के राज्यपाल बने।
बीजेपी की कोशिश दक्षिण भारत में अपनी जड़ें मजबूत करने की है। एनडीए उम्मीदवार की जीत से बीजेपी को तमिलनाडु में खुद स्थापित करने में मदद मिल सकती है।







