शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित विश्वविख्यात ऐतिहासिक महानाट्य “जाणता राजा” का आयोजन 4 से 9 अक्टूबर तक आगरा में होगा 

आगरा।

भारतभूमि की सांस्कृतिक परंपराओं में छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम अदम्य साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रधर्म के प्रतीक के रूप में अमिट अक्षरों में अंकित है। इन्हीं वीर शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित विश्वविख्यात ऐतिहासिक महानाट्य “जाणता राजा” का आयोजन दिव्य प्रेम सेवा मिशन, हरिद्वार के सौजन्य से आगामी 4 से 9 अक्टूबर 2025 तक कलाकृति ग्राउंड, फतेहाबाद रोड, आगरा में प्रतिदिन सायं 4:30 बजे भव्यता के साथ संपन्न होगा।

इसी आयोजन की सफलता हेतु 18 सितम्बर 2025 (गुरुवार) को ग्रीन हाउस, भोगीपुरा, शाहगंज (राजीव सिनेमा के पास), आगरा में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया।

बैठक का शुभारंभ डॉ आशीष गौतम प्रो नन्दलाल जी ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करके एवं सुशील सरित द्वारा मां सरस्वती की वंदना करके हुआ।

चंद्रशेखर शर्मा ने सभी का स्वागत किया। सुशील सरित ने आयोजन की प्रस्तावना में कहा की लगभग 40 वर्ष पूर्व जनता राजा का प्रदर्शन प्रारंभ हुआ था और विश्व के सबसे बड़े नाट्य आयोजन की अब तक 1200 से अधिक प्रदर्शन हो चुके हैं 1985 में आगरा में आगरा जिला के सामने प्रथम बार यह आयोजन हुआ था ।

महामना मालवीय मिशन, आगरा संभाग के महासचिव राकेश शुक्ला द्वारा इस आयोजन के उद्देश्य और प्रारूप पर प्रकाश डाला गया। काशी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर नंदलाल जी ने मुख्यमंत्री डॉ आशीष गौतम जी का परिचय दिया।

कार्यक्रम संयोजक ललित शर्मा जी ने बताया कि कलाकृति कल्चर एंड कन्वेंशन सेंटर ग्राउंड पर 4 से 9 अक्टूबर तक होने वाले इस आयोजन में 12000 लोग एक साथ बैठ सकते हैं और छात्रों के लिए बहुत ही न्यूनतम प्रवेश शुल्क रखा गया है। इस 3 घंटे के जीवन्त आयोजन में लगभग 500 कलाकार भाग दे रहे हैं मंच पर हाथी और ऊंट आदि वास्तविक रूप में नजर आएंगे ,जीवन्त युद्ध दृश्य होंगे और शिवाजी के जीवन और दर्शन का साक्षात प्रस्तुतीकरण होगा। यह आयोजन 6 दिन तक चलेगा।

इसके पश्चात् श्रद्धेय डॉ. आशीष गौतम जी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन से उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के अद्भुत जीवन, उनके त्याग, संगठन क्षमता, लोककल्याणकारी शासन और स्वराज्य की अवधारणा पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार आज भी शिवाजी का जीवन हर पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का स्रोत है।

बैठक का संचालन साहित्यकार सुशील सरित ने किया। जबकि धन्यवाद ज्ञापन पर्यावरणविद् चन्द्रशेखर शर्मा ने प्रस्तुत कर सभा को सार्थक परिणति दी।

इस अवसर पर विशेष रूप से कमलेश्वर सिंह (अध्यक्ष, किसान मोर्चा उत्तर प्रदेश), प्रभाकर शर्मा (आईआरएस), आरती शर्मा, डॉ रमेश आनंद ,श्री जगमोहन गुप्ता, श्री हरीश भदोरिया डॉ असीम आनंद, श्री बृजेश सुतैल, प्रोफेसर सीमा भदोरिया, नरेंद्र शर्मा, आरती शर्मा आर बी द्विवेदी, ज्ञान सिंह राजोरिया सहित अनेक गणमान्य जन एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने इस ऐतिहासिक नाट्य आयोजन को आगरा की सांस्कृतिक चेतना को प्रज्वलित करने वाला क्षण बताते हुए संकल्प लिया कि जाणता राजा को अविस्मरणीय सफलता दिलाई जाएगी।

यह बैठक केवल आयोजन की तैयारी भर नहीं थी, बल्कि यह संकल्प का स्वर था, यह संस्कृति का आह्वान था और यह उस धरोहर को स्मरण करने का अवसर था जिसने भारत को आत्मगौरव और राष्ट्रधर्म का अमिट संदेश दिया।

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