
फीरोजाबाद।
साहित्यिक/सामाजिक संस्था बज़्मे फ़रोगे अदब के तत्वाधान में 60फुटा रोड स्थित एस एम इलैक्ट्रोनिक्स के हाल में बच्चों की कल्याणकारी संस्था चराग़ सोसायटी और कई सामाजिक संस्थाओं के डारेक्टर मशहूर समाज सेवी डाक्टर ज़फ़र आलम को आबरू ए मिल्लत (किसी विशेष सम्प्रदाय का गौरव) अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जाने माने समाज सेवी डाक्टर शमीम अहमद खां साहिब ने की विशिष्ट अतिथि क़ासिम सिद्दीकी पार्षद और हाजी इरफान अली थे।
डाक्टर ज़फ़र आलम को सम्मानित करते हुए फ़रोगे़ अदब के अध्यक्ष जनाब असलम अदीब ने कहा कि डाक्टर ज़फ़र आलम निस्वार्थ हो कर पिछले 30 सालों से सामाजिक सेवा का काम कर रहे हैं आपने बच्चों के लिए चराग़ सोसायटी बनाकर पल्स पोलियो अभियान चलाया, महनत कश बच्चौं के लिये नाइट स्कूल चलाए, चाइल्ड हैल्प लाइन 1098, स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर , बेटी बढाओ बेटी बचाओ, स्कूल चलो मुहिम, तलाक को रोकने के लिये बहन बेटियों के लिये काउन्सलिं सेंटर, बेटियों की तलीम के लिये जागरुकता अभियान, चूड़ी कारखा़नों से बाल मज़दूरौं को छुटकारा दिलाना, रेड लाइट ऐरिया को का़नूनी मदद से बंद कराना, कोविड 19 में सहयोग और छात्र छात्राओं के अच्छे भविष्य के लिये ड्रीम ऐचीवर प्रोग्राम जैसे अति महत्वपूर्ण कार्य किये डाक्टर ज़फर आलम इसके लिये मुबारकबाद के हक़दार हैं और बज्म़े फ़रोगे़ अदब उनको सम्मानित करते हुए गर्व का अनुभव कर रही है , और बज़्म के तमाम कार्यकर्ता डाक्टर जफ़र साहब की लम्बी उम्र की कामना करते हैं।
कार्यक्रम के अध्यक्ष डाक्टर शमीम अहमद खांन ने कहा कि डाक्टर जफ़र आलम ने सामाजिक कल्याण के लिये इतने सारे क़दम उठाए ये उनके अथक प्रयास और बे शुमार महनत का नतीजा है दुआ है कि अल्लाह उनको समाज की खिदमत करने के लिए लम्बी उम्र आता करे। डाक्टर ज़फ़र आलम के ये कार्य कभी भुलाए नहीं जा सकते ।
क़ासिम सिद्दीकी पार्षद ने डा० जफर आलम के लिए कहा की शहर की एक मशहूर संस्था है चिराग़ सोसाइटी जिसके जरिए डॉक्टर जफर आलम साहब सामाजिक कार्य करते हैं, और सरकार की तरफ से समाज की भलाई के लिए चलाई जाने वाली मोहिम में डॉक्टर साहब पूरा सहयोग करते हैं।
सम्मान के कार्यक्रम के बाद एक शानदार साहित्यिक कार्यक्रम मुशायरे का आयोजन किया गया जिस का संचालन मन्ज़र नवाब ने किया मुशायरे में हाफ़िज़ आदिल साहिब की नाते पाक ( हज़रत मुहम्मद स़0 की तारीफ़ ) के बाद वाहिद खान ने ग़ज़ल का शेअर पढ़ते हुए कहा–
“इसलिए मैं तेरी यादों के जलाता हूं चराग़-
वक्त नाज़ुक है किसी तरह गुज़र जाएगा”
शायर कलीम नूरी ने का ये शैकर खूब पसंद किया गया उन्होंने कहा—
“खला में कैसे उड़ैं मेरी क़ौम के बच्चे
इन्हें तो सिर्फ कबूतर उड़ाना आता है”
उमर पैकर ने यूं कहा,
झूम उट्ठी फ़जा रुत सुहानी हुई-
आप आए बड़ी मेहरबानी हुई,
मंज़र नवाब ने यूं कहा,
कब कहां कौन मंत्री हो जाए-
सब से झुक कर मिलो सलाम करो,
चाहत फीरोजाबादी का ये शेअर बहुत पसंद किया गया–
“हम को आपस में मिल जुल कर रहना है,
सरकारें तो आती जाती रहती हैं”
हाफ़िज़ नोमान ने यूं फरमाया—
“अपने चहरे की धूल साफ़ करो
आइना तोड़ने से क्या होगा”
संस्था के अध्यक्ष असलम अदीब ने यूं सब को दाद देने पर मजबूर कर दिया उन्होंने कहा—
“उम्र भर खुद को जलाकर रोशनी गैरों को दी
ज़िदगी तुमने गुज़ारी है चराग़ों की तरह”
क़मर वारसी ने यूं कहा,
“कल तक उनकी आंख में बनकर जो रहते थे काजल से,
गलियों गलियों घूम रहे हैं आज आवारा बादल से”
उस्ताद शायर जीरो बादवी ने यूं व्यंग किया,
” मुर्गी जवान हो गयी जब से पडो़स की
सब इस जुगाड़ में हैं कि कैसे हलाल हो”
हाजी ऐजाज ने यूं कहा
“मां से प्यारा तो कोई बोल नहीं हो सकता,
उसकी ममता का कोई मोल नहीं हो सकता ”
इसके अलावा अख़्तर दहलवी को भी खू़ब प़सद किया गया,
कार्यक्रम के अंत में डाक्टर ज़फ़र आलम ने कहा कि मै बज्म़े फरोगे अदब का दिल की गहराइयों से शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने मुझ नाचीज़ को इस का़बिल समझा और मेरा सम्मान किया मैं हमेशा समाज की भलाई के लिये काम करता रहूंगा ,मेरी गुजारिश है कि सभी अपने बच्चौं को शिक्षा ज़रूर दिलाऐं इस से ही हम और समाज का विकास हो सकता है। मैं फरोगे अदब के सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करता हूं जिनकी मेहनतौं से आज का कार्यक्रम भव्य और सफल बना।
कार्यक्रम में शहर फिरोज़ाबाद के कई सम्माननीय व्यक्ति मौजूद रहे। डॉक्टर मुजाहिद साहब, हाजी तालिब साहब, जे.क.मास्टर, समसुल भाई, जफर भाई, रियाज़ुद्दीन राजू भाई, ज़ियाउल हक़ अंसारी, हाजी फुरकान अली, मोहम्मद शाहिद, डॉक्टर इलियास, शादमान सिद्दीकी, मोहम्मद शाकिर, हमिद सर, ज़ाहिद सर, अजीमुद्दीन एडवोकेट, यासीन अब्बास, इन्जीनियर अमीर उद्दीन, अमजद खान, डॉक्टर अफसरआदि की उपस्थिति सराहनीय रही।








