
भरतपुर। नीरज मुदगल की रिपोर्ट।
राजस्थान के भरतपुर में 109 साल पुराने मोती महल पैलेस पर राजा और राजकुमार में तकरार चल रही है। राजा विश्वेंद्र सिंह और राजकुमार अनिरुद्ध सिंह के बीच का विवाद अब पुलिस थाने तक भी पहुंच गया है। राजा और राजकुमार दोनों अपना झंडा महल पर लगाना चाहते हैं। हालांकि दोनों ही झंडे राज परिवार के हैं लेकिन दोनों को एक दूसरे का झंडा स्वीकार नहीं है।
राजा विश्वेंद्र सिंह और राजकुमार अनिरुद्ध सिंह के बीच प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा है। विश्वेंद्र सिंह का आरोप है कि उनके बेटे ने उन्हें अवैध रूप से महल से निकाल दिया है। हनुमान झंडे के समर्थकों को विश्वेंद्र सिंह सपोर्ट करते हैं।
जब राजकुमार अनिरुद्ध सिंह ने पंचरंगा झंडा फहराया, तो लोगों ने इसके खिलाफ महल के गेट पर प्रदर्शन किया। अनिरुद्ध सिंह का कहना है कि यह उनका घर है और उन्हें कोई भी झंडा फहराने का अधिकार है। लेकिन समुदाय के लोगों को इससे आपत्ति है।
जब राजकुमार अनिरुद्ध सिंह ने पंचरंगा झंडा फहराया, तो लोगों ने इसके खिलाफ महल के गेट पर प्रदर्शन किया। अनिरुद्ध सिंह का कहना है कि यह उनका घर है और उन्हें कोई भी झंडा फहराने का अधिकार है। लेकिन राजा विश्वेंद्र सिंह के समर्थकों को इस पर आपत्ति है और उनका कहना है कि महल पर राजा विश्वेंद्र सिंह का पसंदीदा हनुमानजी वाला झंडा ही लगना चाहिए।





