नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार का पहली छमाही में जीएसटी कलेक्शन 22000 करोड़ के पार पहुंच गया है। जीएसटी की दर कम होने के बावजूद दिल्ली सरकार के राजस्व में बढ़ोत्तरी हुई है। दिल्ली सरकार ने इस वर्ष जीएसटी वसूली का लक्ष्य पिछले साल की अपेक्षा पांच हजार करोड़ बढ़ाकर 48 हजार 500 करोड़ का रखा है।
मोदी सरकार ने कई समानों पर जीएसटी में भारी कटौती की है और नई दरें 22 सितंबर से लागू कर दी गईं थीं। उसके बाद से बाजार में काफी बेहतर माहौल देखा जा रहा है। दिल्ली में पिछले साल की अपेक्षा इस साल अभी तक एसजीएसटी से दिल्ली सरकार को राजस्व में 16.15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
पेट्रोल डीजल के कारोबार से जुड़े लोग मानते हैं कि सीएनजी व इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ने के साथ साथ 10 साल डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर रोक में खासकर डीजल पर असर पड़ा है। चंडीगढ़, जम्मू कश्मीर और हिमाचल में दिल्ली से सस्ता डीजल होने का असर भी दिल्ली पर पड़ रहा है। क्योंकि वहां तीन से लेकर पांच रुपये डीजल सस्ता है। दरअसल वहां से आवश्यक सामान लेकर आने वाले ट्रक चालक दिल्ली में डीजल नहीं लेते हैं।
पेट्रोल पंप संचालक केंद्र सरकार से दिल्ली में डीजल पर वैट कम किए जाने की लगातार मांग कर रहे हैं। इनके अनुसार इस साल डीजल की कुल बिक्री में अभी तक आठ प्रतिशत की कमी आ चुकी है।







