हिंदी पत्रकारिता का गौरवपूर्ण इतिहास रहा है और रहेगा, हिंदी पत्रकारिता ने समाज को नई दिशा देने का काम किया है

फिरोजाबाद।
जनपद के सिरसागंज में हिंदी पत्रकारिता के द्वि शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में हिंदी संस्थान उत्तर प्रदेश और नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी कार्यक्रम का उद्घाटन शुभारंभ प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह द्वारा किया गया।

मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि हिंदी भाषा हम सब लोगों की जननी मातृभाषा है। हिंदी पत्रकारिता का अपना एक देश के आजादी में और देश के उत्थान और विकास में बहुत योगदान है। हिंदी भाषा और हिंदी भाषा के विद्वान और पत्रकारों का सम्मान हम सबको करना चाहिए और उसके उत्थान और विकास के लिए हम सब समर्पित रहकर काम करने के लिए संकल्पित रहे। ‌

कार्यक्रम में हिंदी हिंदी संस्थान की मुख्य संपादक डॉक्टर अमित दुवे के अलावा अनेक साहित्यकार पत्रकारों ने विचार व्यक्त किया कार्यक्रम की अध्यक्षता नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया के अध्यक्ष रासबिहारी द्वारा की गई।

कार्यक्रम के अध्यक्ष नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया के अध्यक्ष रास बिहारी ने कहा की हिन्दी पत्रकारिता का सत्य धर्म और राष्ट्र प्रेम का अपना इतिहास रहा है। आजादी में पत्रकारों की उल्लेखनीय भूमिका रही आजादी में कई पत्रकारों का बलिदान भी हुआ। हमें वर्तमान में चाटु कारिता वाली पत्रकारिता से बचकर राष्ट्र धर्म की पत्रकारिता का रास्ता अपनाना चाहिए। पहले के समय में पत्रकारों को सभी क्षेत्र में सम्मान मिलता था, उसमें अब गिरावट आई है। इसलिए हमें अपने सम्मान की रक्षा करते हुए पत्रकार धर्म को निभाना चाहिए।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता केंद्रीय संस्थान आगरा के प्रोफेसर उमा दीक्षित ने कहा हिंदी भाषा का अपना एक गौरवशाली इतिहास रहा है तो देश धर्म और सत्य को समर्पित रही है जिसने सामाजिक जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक समरसता को आगे बढ़ने का काम किया है ।

पत्रकार समाज की नीव की तरह समाज को निर्माण करने का काम करता है इसी लिए चौथा स्तंभ कहा गया है। पत्रकार की लेखनी की धार तलवार से तेज होती है जिससे वह समाज को एक नई दिशा देने का काम करता है आपको अपनी ताकत का बोध होना चाहिए। ‌ पत्रकारिता सत्य और धर्म पर आधारित‌ हो सही माने वही राष्ट्र धर्म की पत्रकारिता की जाती है। उन्होंने अपने उद्बोधन में पीत पत्रकारिता और गोदी पत्रकारिता की भी कड़ीआलोचना की।

हिंदी संस्थान उत्तर प्रदेश की मुख्य संपादक डॉ अमिता दुबे ने अपने स्वागत और भूषण ने कहा कि हम सभी को हिंदी भाषा का सम्मान करने के साथ-साथ अन्य भाषाओं का भी पूरा सम्मान करना चाहिए। हिंदी भाषा का सम्मान और गौरव है जिसका एक गौरवशाली इतिहास है। हिंदी भाषा का भविष्य उज्जवल है हमें अपने सत्य धर्म निष्ठा के साथ हिंदी हिंदी पत्रकारिता के विकास के पूर्ण समर्पण भाव के साथ सेवा कार्य के रूप में करना चाहिए।

कार्यक्रम में अनेक वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए हिंदी पत्रकारिता के उद्भम और भविष्य की संभावना पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में अनेक हिंदी विद्वान और पत्रकारों की मुख्य उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में मुख्य नेशनल यूनिट ऑफ़ जर्नलिस्ट के महामंत्री प्रदीप कुमार तिवारी संगठन मंत्री प्रमोद गोस्वामी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सक्सेना वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र दुबे अनुपम चौहान अनुपम पांडे के अलावा डॉक्टर रामसनेही लाल यायावर डॉ संध्या द्विवेदी श्रीमती रंजना सिंह नगर पालिका अध्यक्ष के अलावा प्रदेश उपाध्यक्ष द्विजेंद्र मोहन शर्मा‌ राकेश शर्मा उमाकांत पचौरी एडवोकेट सुनील वशिष्ठ दीपक सोलंकी दिनेश वशिष्ठ निकुंज यादव परमेंद्र यादव मनमोहन शर्मा राजीव सक्सेना कौशल राठौर डीके सिंह श्री कृष्णा चितौड़नी सुनील कुमार मनोज त्रिपाठी संजय त्रिपाठी विकास पालीवाल संजीव दुबे अशोक कुमार आदि वक्ताओं में अनूप चंद जैन एडवोकेट मुकेश मणिकांचन संजय शर्मा आदि पत्रकार व साहित्यकार उपस्थित रहे।

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