नई दिल्ली।
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन सोनीपत-गोहाना-जींद के बीच चलने के लिए तैयार हो चुकी है। हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन का इंजन व बोगियां बनकर दिल्ली आ चुकी हैं। यह ट्रेन दिल्ली के शकूरबस्ती यार्ड में खड़ी हुई है। दीपावली के बाद रेलवे की ओर से सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी।
हाइड्रोजन ट्रेन पूरी तरह से प्रदूषण रहित नमो ग्रीन रेल है। सोनीपत-गोहाना-जींद के बीच ट्रैक की लंबाई करीब 89 किलोमीटर है। यह ट्रेन 110-140 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ने में सक्षम है। ट्रेन में एक बार में 2,638 यात्री सफर कर सकेंगे। इस प्रोजेक्ट पर 120 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है।
भारत में 1200 हार्सपावर की क्षमता वाला इंजन तैयार किया गया है जो अभी तक अपनी केटेगरी का सबसे अधिक पॉवर वाला इंजन है। हाइड्रोजन ट्रेन मौजूदा रेल संसाधनों के साथ आसानी से काम कर सकती हैं। आठ कोच वाली यह ट्रेन दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक होगी।






