
धरती पर बन रहा नया महासागर जिससे अफ्रीका महाद्वीप 2 हिस्सों में कट जाएगा। क्योंकि 6000 किलोमीटर लंबी दरार साफ नजर आ रही है। जब यह परत पूरी तरह टूट जाएगी, तो समुद्र का पानी इस दरार में भर जाएगा और एक नया महासागर जन्म लेगा। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह नया सागर अफार क्षेत्र से लेकर केन्या और तंजानिया की सीमा तक फैलेगा, जिससे हॉर्न ऑफ अफ्रीका एक विशाल द्वीप में बदल जाएगा।
वैज्ञानिकों ने महसूस किया है कि टेक्टोनिक फोर्स ने अफ्रीका भू-भाग को चीरना शुरू कर दिया है। ऐसा महसूस हो रहा है कि अफ्रीका महाद्वीप के टूटने के साथ बीच में एक नये महासागर का निर्माण शुरू हो गया है।
रिसर्चर वैज्ञानिक डॉ. रोसालिया नेवे,ने एविडेंस नेटवर्क में लिखे अपने लेख में कहा है कि पूर्वी अफ्रीका में महाद्वीप के टूटने के निशान दिखने लगे हैं। उन्होंने इस विभाजन को ‘ग्रेट रिफ्ट वैली’ कहा है, जो उत्तर से दक्षिण तक करीब 6,000 किलोमीटर तक फैली हुई है। इस क्षेत्र में धरती की सतह धीरे-धीरे फट रही है और नीचे से उठती हुई गर्म मैग्मा परतें इस प्रक्रिया को और तेज कर रही हैं।








