आईआईटी मद्रास और पंजाब विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने बनाई पानी और भोजन में कीटनाशकों का पता लगाने वाली डिवाइस

पानी और भोजन में कीटनाशकों का पता लगाने वाली डिवाइस आईआईटी मद्रास और पंजाब विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने बनाई है। ये कीटनाशक अवशेषों की अत्यंत कम सांद्रता का पता लगा सकता है जो मानव और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। ऐसे अवशेषों का पता लगाने के लिए पारंपरिक प्रयोगशाला विधियां काफी जटिल और खर्चीली हैं।

नया ‘स्मार्ट एमडीडी (मैलाथियान डिटेक्शन डिवाइस)’ एक कलरमेट्रिक (एक ऐसी विधि जिसका उपयोग किसी घोल में किसी रासायनिक यौगिक की सांद्रता मापने के लिए किया जाता है) डिटेक्शन प्रणाली है जिसमें एप्टामर अणु के साथ स्वर्ण नैनोकणों (एयूएनपी) का उपयोग किया गया है। ये मैलाथियान को विशेष रूप से पहचानने के लिए डिजाइन किए गए हैं।

इस परस्पर क्रिया के कारण रंग में एक स्पष्ट परिवर्तन दिखता है। लाल रंग नीले में बदल जाता है जो कीटनाशक की उपस्थिति का संकेत देता है, एक ऐसा परिवर्तन जिसे उपकरण का अंतर्निहित ऑप्टिकल सिस्टम सटीक रूप से मापता है। टीम ने कहा कि यह स्वचालित प्रक्रिया मैन्युअल हैंडलिंग की गुंजाइश खत्म करती है और त्वरित, विश्वसनीय परिणाम प्रदान करती है। ये निष्कर्ष रिव्यू ऑफ साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स में प्रकाशित हुए हैं।

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