
नई दिल्ली।
अमेरिका भारत को देगा जेवलिन मिसाइलें जिससे सेना की ताकत बढ़ेगी। इस मिसाइल को कंधे से टारगेट पर दागा जा सकता है। दरअसल, अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने भारत को एक्सकैलिबर प्रोजेक्टाइल और उससे जुड़े इक्विपमेंट की संभावित फॉरेन मिलिट्री सेल को मंजूरी देने का फैसला किया है।
अमेरिकी ऑफिशियल की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, जेवलिन मिसाइल की अनुमानित कीमत 47.1 मिलियन डॉलर है। वहीं, भारत और अमेरिका के बीच लगभग 92.8 मिलियन डॉलर की डील हुई है।
भारत सरकार ने 216 एम982ए1 एक्सकैलिबर टैक्टिकल प्रोजेक्टाइल की मांग की है। इसमें एंसिलरी आइटम, इम्प्रूव्ड प्लेटफॉर्म इंटीग्रेशन किट (आईपीआईके) के साथ पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक फायर कंट्रोल सिस्टम (पीईएफसीएस), प्राइमर, प्रोपेलेंट चार्ज, अमेरिकी सरकार की टेक्निकल मदद, टेक्निकल डेटा, रिपेयर और रिटर्न सर्विस, और लॉजिस्टिक्स और प्रोग्राम सपोर्ट के दूसरे संबंधित एलिमेंट शामिल होंगे।
जेवलिन एडवांस पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल है। इसका निर्माण अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन और रेटियॉन ने मिलकर किया है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें जवान को टारगेट पर निशाना बनाए रखने की जरूरत नहीं होगी। मिसाइल में एक बार टारगेट लॉक करने के बाद यह खुद हिट करने वाले निशाने को ढूंढ लेता है। यूक्रेन के लिए रूस के खिलाफ युद्ध में यह मिसाइल कारगर साबित हुई है। इसकी वजह से इसे ‘टैंक किलर’ भी कहते हैं।







