
आइजोल।
भारत का इकलौता शहर जहां कभी ट्रैफिक जाम नहीं लगता, हॉर्न नहीं बजता और ट्रैफिक पुलिस नहीं होती। यहां कोई रूल या भारी जुर्माना नहीं है, बल्कि यह लोगों की संस्कृति और सोच से जुड़ा है। इन आदतों की वजह से आइजोल की सड़कों पर हमेशा शांति और व्यवस्था बनी रहती है, जो यहां आने वाले हर यात्री को बहुत आकर्षित करती है।
इस शहर को साइलेंट सिटी कहा जाता है। आइजोल, पहाड़ियों पर बसा मिजोरम का यह शहर, करीब 3.5 लाख लोगों का घर है। यहां 1.25 लाख से ज्यादा वाहन हैं, लेकिन सड़कें तंग होने के बावजूद ट्रैफिक कभी नहीं रुकता। इस शहर को साइलेंट सिटी कहा जाता है, क्योंकि यहां हॉर्न बजाना रूड माना जाता है। ड्राइवर आराम से इंतजार करते हैं और एक-दूसरे को रास्ता देते हैं। यात्री जो घूमने आते हैं। इसकी शांति की तारीफ करते हैं।
यहां के लोग ईमानदारी, जिम्मेदारी और कम्युनिटी स्पिरिट के लिए जाने जाते हैं। वे नियम खुद से फॉलो करते हैं, यहां सख्त पुलिस की जरूरत नहीं होती है।2008 से ट्रैफिक यूनिट बनी, जो शहर को सात जोनों में बांटकर मैनेज करती है। ऑड-ईवन स्कीम, गैरेज के बिना वाहन रजिस्ट्रेशन न करने जैसे नियम भी अपनाए गए।





