
नई दिल्ली।
दिल्ली एनसीआर के 80% लोग अपना ही घर छोड़कर भागने को मजबूर हो गए हैं। वे अब नए, छोटे और पहाड़ी शहरों में घर, स्कूल और रोजगार की तलाश तक शुरू कर रहे हैं। सर्वे बताता है कि लोग अब ऐसे शहरों में रहना चाहते हैं जहाँ हवा साफ हो, प्रदूषण न हो और रोज-रोज सांस लेने से पहले AQI ऐप चेक न करना पड़े।
बड़े शहरों और औद्योगिक शहरों में रोज रोज की प्रदूषण और दम घोटू हवा से सांस लेने की समस्या से होने वाली अनेक प्रकार की बीमारियों से शारीरिक हानि एवं बढ़ते मेडिकल खर्च एवं खतरों को देखते हुए अब पहाड़ी क्षेत्र, छोटे और कम औद्योगिक शहर, निवासियों की नई प्राथमिकता बन रहे हैं।
दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के 4,000 निवासियों पर किए गए इस अध्ययन ने साफ दिखाया है कि अब शहर बाहरी खतरों से नहीं, बल्कि अपनी ही खराब हवा से जूझ रहा है।
सर्वे में यह अध्ययन दिखाता है कि खराब हवा अब सिर्फ स्वास्थ्य नहीं, बल्कि जीवन की गुणवत्ता, नौकरी, खर्च और रहने की जगह तक को प्रभावित कर रही है। यह पर्यावरणीय समस्या से बढ़कर जीवनशैली का संकट बन चुकी है।







