
महामना मालवीय मिशन द्वारा तैयार ‘पण्डित मदनमोहन मालवीय सम्पूर्ण वाङ्मय’ की 12 खंडों वाली अंतिम शृंखला का लोकार्पण अब पूर्ण रूप से तैयार है। यह ऐतिहासिक और राष्ट्रीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन 25 दिसम्बर 2025, गुरुवार, अपराह्न 3 बजे, भारत मंडपम, नई दिल्ली में संपन्न होगा। इस अवसर पर देशभर से विद्वान, विचारक, साहित्यकार और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।
इस कार्यक्रम की विशिष्ट शोभा बढ़ाने हेतु भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन जी मुख्य अतिथि के रूप में अपने आशीर्वचन देंगे। साथ ही, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के माननीय केंद्रीय मंत्री भी विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम की गरिमा में वृद्धि करेंगे।
समारोह में पद्म भूषण श्री रामबहादुर राय जी, प्रख्यात पत्रकार एवं अध्यक्ष – मालवीय सम्पूर्ण वाङ्मय समिति, विशेष संबोधन प्रस्तुत करेंगे।
ज्ञात हो कि सम्पूर्ण वाङ्मय की प्रथम श्रृंखला के 11 खंडों का विमोचन वर्ष 2023 में विज्ञान भवन, नई दिल्ली में देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा किया गया था। इस अवसर ने इस महान परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान और सम्मान प्रदान किया।
इस विस्तृत और मूल्यवान वाङ्मय के निर्माण में राष्ट्रीय नेतृत्व का विशेष योगदान रहा:
• राष्ट्रीय अध्यक्ष – श्री हरिशंकर सिंह जी
• राष्ट्रीय महामंत्री – डॉ. वेद प्रकाश सिंह जी
• संरक्षक – प्रभुनारायण जी, राम बाबू तुपकरी जी साथ ही समिति के सभी सदस्यों ने भी अपना अमूल्य योगदान दिया।
आगरा संभाग का योगदान भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। महासचिव श्री राकेश शुक्ला जी, मालवीय सम्पूर्ण वाङ्मय समिति के सदस्य होने के नाते, कई बार नई दिल्ली में बैठकों में भाग लेकर इस परियोजना की दिशा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
वर्षों के अथक शोध, संकलन और संपादन के बाद निर्मित यह 12 खंडों की महान श्रृंखला अब पूर्णता को प्राप्त हो चुकी है। यह न केवल पण्डित मदनमोहन मालवीय के जीवन, विचार और योगदान का संपूर्ण दस्तावेज है, बल्कि भारतीय साहित्य और राष्ट्रीय चेतना में एक अमूल्य योगदान भी है।
एक संपूर्ण वाङ्मय समिति के सदस्य और आगरा संभाग के प्रतिनिधि होने के नाते, मेरे लिए यह गर्व और सम्मान का विषय है कि मुझे इस महत्त्वपूर्ण कार्य में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिला।








