
• सीएमओ ने जीवनी मंडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कुटकुट और राजवर्धन को पोलियो की दवा पिलाकर किया पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ
•घर-घर जाकर पोलियो की दवा पिलाएंगी पल्स पोलियो की टीम
आगरा,
जिले में सप्लीमेंट्री नेशनल इम्यूनाइजेशन डे (एसएनआईडी) के अंतर्गत रविवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जीवनी मंडी में सघन पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान मनाया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बूथ दिवस पर कुटकुट और राजवर्धन को पोलियो की दवा पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया।
सीएमओ ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए समस्त बेसिक शिक्षा विभाग, आईसीडीएस, जिला पूर्ति अधिकारी, नगर निकायों से संबंधित अधिकारियों और जिला पंचायती राज अधिकारी को पत्र भेजे गये हैं। इस पत्र के जरिये दिये गये दिशा-निर्देशों के अनुसार स्कूलों में बूथ दिवस पर रैलियां निकाली गयी हैं और पल्स पोलियो अभियान के प्रति जागरूकता के संदेश दिये गये ।

आईसीडीएस विभाग से कहा गया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के तीन से पांच वर्ष तक के बच्चों को केंद्र पर दवा पिलवाएं, जबकि तीन वर्ष से कम आयु के बच्चों के माताओं को प्रेरित कर दवा पिलाई जाए। राजस्व विभाग, आपूर्ति विभाग, पंचायती राज विभाग और नगर निकाय से जुड़े लोगों से पोलियो की दवा पिलाने से इनकार करने वाले परिवारों को प्रेरित कर उनके बच्चों को पोलियों की दवा पिलवाने को कहा गया है।
उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए पोलियो की दो बूंद की खुराक पूरी तरह सुरक्षित और असरदार है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की 1716 टीमें 15 से 19 दिसंबर (सोमवार से शुक्रवार) तक घर-घर जाकर दवा पिलाएंगी। इसके बाद भी जो बच्चे छूट जाएंगे, उन्हें 22 दिसंबर सोमवार को दवा पिलाई जाएगी।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. उपेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में रविवार को आयोजित बूथ दिवस पर 2644 बूथों पर शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। उन्होंने बताया कि पोलियो का टीका नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में भी शामिल है । पल्स पोलियो का दवा जन्म के समय ही दिया जाता है। इसके अलावा छह, दस और चौदह सप्ताह पर भी यह ड्रॉप पिलाया जाता है । इसकी बूस्टर खुराक सोलह से चौबीस महीने की आयु में भी दी जाती है। पोलियो एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है जो पोलियोवायरस के कारण होती है इस जटिल बीमारी के प्रति संपूर्ण प्रतिरक्षण अति आवश्यक है।
उद्घाटन अवसर पर पोलियो के लिए नामित नोडल अधिकारी डॉ. नागेंद्र गुप्ता, राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के नोडल अधिकारी डॉ. ऋषि गोपाल, जीवनी मंडी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मेघना शर्मा, विश्व स्वास्थ्य संगठन की एसएमओ डॉ. महिमा चतुर्वेदी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के चिकित्सक डॉ. अंबिका झा, डॉ. ललित, यूनिसेफ के डीएमसी राहुल कुलश्रेष्ठ, जे.एस.आई संस्था के प्रोग्राम ऑफिसर नितिन खन्ना और जीवनी मंडी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
विजय नगर कॉलोनी निवासी 32 वर्षीय अभिनव बताते हैं कि उनके घर में दो बच्चे हैं, एक उनका बच्चा है और एक उनकी बहन का बच्चा है। कुटकुट एक वर्ष का हैं जबकि राजवर्धन 10 माह का है उनका कहना है कि उन्होंने दोनों बच्चों को पोलियो की दवा पिलवाई है और सभी टीके टीकाकरण केंद्र से ही लगवाए हैं। इससे उनके घर के दोनों बच्चे स्वस्थ हैं। पोलियो की दवा के कारण कभी भी कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा। सभी लोगों को अपने बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलानी चाहिए और नियमित टीकाकरण भी कराना चाहिए।
अभियान: एक नजर में
लक्षित लाभार्थी बच्चे- 705832
गृह भ्रमण टीम- 1716
ट्रांजिट टीम- 99
मोबाइल टीम- 42
सहयोगात्मक पर्यवेक्षक के लिए सुपरवाइजर- 530





