
नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को पारंपरिक चिकित्सा पर दूसरे डब्ल्यूएचओ ग्लोबल समिट के समापन समारोह को संबोधित करेंगे। नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहा यह तीन दिवसीय कार्यक्रम एक वैश्विक, विज्ञान-आधारित और जन-केंद्रित पारंपरिक चिकित्सा एजेंडा को आकार देने में भारत के बढ़ते नेतृत्व और अग्रणी पहलों को रेखांकित करता है।
पूरी दुनिया में भारतीय आयुर्वेद की बढ़ती पहचान के प्रतीक के तौर पर, पीएम अश्वगंधा पर एक विशेष डाक टिकट जारी करेंगे। पीएम मोदी से योग में प्रशिक्षण पर डब्ल्यूएचओ की तकनीकी रिपोर्ट और “फ्रॉम रूट्स टू ग्लोबल रीच: आयुष में परिवर्तन के 11 साल” नामक पुस्तक जारी करने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री 2021-2025 के लिए योग के प्रचार और विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार प्राप्त करने वालों को सम्मानित करेंगे, जो योग और इसके वैश्विक प्रचार के प्रति उनके निरंतर समर्पण को मान्यता देता है। ये पुरस्कार बताते हैं कि योग जीवन में संतुलन, अच्छी सेहत और शांति बनाए रखने का एक पुराना और बेहतरीन तरीका है, जो एक स्वस्थ और मजबूत नए भारत में योगदान देता है।
प्रधानमंत्री एक प्रदर्शनी भी देखेंगे जिसका नाम है ‘ट्रेडिशनल मेडिसिन डिस्कवरी स्पेस’। यह प्रदर्शनी दिखाती है कि भारत और दुनिया भर की पुरानी इलाज पद्धतियां कितनी प्रभावशाली हैं और आज के समय में भी वे हमारे लिए कितनी जरूरी हैं।








