नई दिल्ली।
भारत और ओमान के बीच ज्यादातर वस्तुओं में शून्य शुल्क के साथ व्यापार हो पाएगा, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अगले तीन महीनों में लागू हो सकता है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ये जानकारी दी।
इस समझौते में उन भारतीय दवा उत्पादों और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए 90 दिनों के भीतर ऑटोमेटिक एप्रूवल का प्रावधान है जिन्हें कई देशों द्वारा मान्यता प्राप्त है। भारत और ओमान सीईपीए गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मस्कट यात्रा के दूसरे दिन साइन हुआ था।
इसमें ओमान की 98.08 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर जीरो ड्यूटी की पेशकश की गई है, जो वैल्यू के हिसाब से भारत के 99.38 प्रतिशत निर्यात को कवर करती है। इससे लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स को काफी फायदा होगा, रोजगार पैदा होंगे और एमएसएमई, कारीगरों और महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को मजबूती मिलेगी।
इसके लागू होने से टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर, रत्न और आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, प्लास्टिक, फर्नीचर, कृषि उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस और ऑटोमोबाइल जैसे प्रमुख एक्सपोर्ट सेक्टर को पूरी तरह से टैरिफ खत्म होने से फायदा होगा, जिससे भारत की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट कॉम्पिटिटिवनेस मजबूत होगी। साथ ही हमारे किसानों और छोटे व्यवसायों के हितों की रक्षा के लिए भारत के संवेदनशील सेक्टरों को सुरक्षा दी गई है।







