नई दिल्ली।
सोना चांदी के बाद अब तांबा लोगों को बनाएगा करोडपति। तांबे की मांग लगातार बढ़ती जा रही है जबकि आपूर्ति में कमी इसके उछाल का मुख्य कारण रहेगा। तांबे को अब अगले बड़े व्यापारिक स्रोत के रूप में पेश किया जा रहा है। इसकी उपयोगिता बढ़ने के साथ ही इसकी कीमतों में उछाल आने वाला है।
एक्सपर्ट आरकेवी के फाउंडर राकेश बंसल ने तर्क दिया कि सप्लाई में बाधाएं और AI, विद्युतीकरण, EVs और एनर्जी ट्रांजिशन से बढ़ी डिमांड तांबे को एक नए दौर में पहुंचाने वाली है।
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार बाजार में इस साल 1,24,000 टन और अगले साल 2026 में 1,50,000 टन तांबे की कमी होने की आशंका है। यही कारण है कि इसकी मांग और आपूर्ति का ये असंतुलन कीमतें बढ़ाने का मंत्र होगा।
AI, इलैक्ट्रिक व्हीकल, इलेक्ट्रॉनिक आदि सभी जगह इसकी मांग है। इसके परे देखें तो तांबे के बिना बिजली का बुनियादी ढांचा भी संभव नहीं है। सोने और चांदी की तरह तांबा भी एक सुरक्षित निवेश ऑप्शन है, क्योंकि इसकी मांग में तेजी से वृद्धि हो रही है और आपूर्ति सीमित है।





