
नई दिल्ली।
अब भारत में ही बनेंगे यात्री विमान, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और रूस मिलकर भारत में SJ100 विमान बनाएंगे। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन के साथ समझौता किया है। इसके तहत भारत में सुखोई सुपरजेट-100 विमान बनाए जाएंगे। इस विमान को अब SJ-100 नाम दिया गया है। यह समझौता 27 अक्टूबर 2025 को मॉस्को में साइन हुआ था।
HAL को 75 से 100 सीटों वाले इस रीजनल जेट को भारत में बनाने का एक्सक्लूसिव अधिकार मिलेगा। इन विमानों में यूरोप से लिए गए इंजन लगाए जाएंगे, ताकि रूस पर लगे प्रतिबंधों का असर न पड़े।
इसमें भारत में Ilyushin Il-114-300 टर्बोप्रॉप विमान के संयुक्त उत्पादन की बात रखी गई जोकि 68 सीटों वाला विमान है। इसे छोटे रनवे और कठिन इलाकों में उड़ान के लिए डिजाइन किया गया है। सरकार के इस कदम को एयरबस और बोइंग को साफ संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। ये दोनों बड़ी कंपनियां अब तक यहां सिविल विमानों की असेंबली लाइन लगाने से बचती रही हैं। ऐसे में भारत अब वैकल्पिक रास्ते तलाश रहा है।
SJ-100 विमान को एयरबस A220 और एम्ब्राएर E190 से सस्ता बताया जा रहा है। HAL के नासिक प्लांट में इन विमानों की असेंबली की जाएगी। इससे विमान की कीमत और कम हो जाएगी। इससे लो-कॉस्ट एयरलाइंस को फायदा मिलने की उम्मीद है। इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइंस इसमें दिलचस्पी दिखा रही हैं। 2026 तक शुरुआती ऑर्डर की संभावना जताई जा रही है। दूसरी तरफ Il-114-300 विमान पूर्वोत्तर, अंडमान जैसे इलाकों के लिए उपयुक्त माना जा रहा है जहां रनवे छोटे और मौसम चुनौतीपूर्ण होता है। यह ATR-72 जैसे विमानों से सस्ता विमान होगा।







