नई दिल्ली।
चावल उत्पादन में भारत अब दुनिया का नंबर 1 देश बन गया है। देश में चावल का उत्पादन 150 मिलियन टन से ऊपर पंहुच गया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत का चावल उत्पादन 150.18 मिलियन टन तक पहुंच गया है, जबकि चीन का उत्पादन 145.28 मिलियन टन रहा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उच्च पैदावार वाले बीजों के विकास और कृषि अनुसंधान में निरंतर प्रगति का परिणाम है। चौहान ने कहा कि भारत अब वैश्विक बाजार में एक प्रमुख चावल निर्यातक देश के रूप में भी उभर चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के सत्ता में आने के बाद पिछले 11 वर्षों में 3,236 उच्च उपज वाली किस्मों को मंजूरी दी गई है। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा विकसित 25 फसलों की 184 उन्नत किस्मों को लॉन्च किया। इन 184 किस्मों में 122 अनाज, 6 दालें, 13 तिलहन, 11 चारा फसलें, 6 गन्ना, 24 कपास और जूट एवं तंबाकू की एक-एक किस्म शामिल हैं।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन नई किस्मों को किसानों तक शीघ्र पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि उन्नत किस्मों से किसानों को अधिक पैदावार और बेहतर गुणवत्ता वाली फसल प्राप्त होगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।





