
नई दिल्ली।
भारत 12 जनवरी को सैटेलाइट मिशन के अंतर्गत अंतरिक्ष में रचने वाला है नया इतिहास। भारत का पीएसएलवी रॉकेट 12 जनवरी को सुबह 10:17 बजे EOS-N1 सैटेलाइट को अंतरिक्ष में ले जाएगा। इस मिशन में 18 अन्य छोटे पेलोड भी शामिल होंगे, जो अलग-अलग देशों और संस्थानों के लिए हैं।
पीएसएलवी, यानी पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल, भारत का एक बहुत ही भरोसेमंद रॉकेट है। इसने पहले भी कई उपग्रहों को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में पहुंचाया है। इस बार के मिशन में 18 सह-यात्री पेलोड भी भेजे जा रहे हैं। ये पेलोड अलग-अलग देशों और संस्थानों के लिए हैं। यह भारत की अंतरिक्ष कूटनीति का एक अच्छा उदाहरण है।
इस साल पहली तिमाही में ही इसरो अपने 7 मिशन पूरे करने की योजना पर काम कर रहा है, जिसमें रोबोटिक टेस्ट और ग्रहों की खोज जैसे महत्वाकांक्षी मिशन भी शामिल हैं। यह इसरो के लिए किफायती इनोवेशन का एक शानदार उदाहरण होगा।
इसरो के चेयरमैन वी. नारायणन ने कहा कि भारत एक क्षेत्रीय खिलाड़ी से एक प्रमुख वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति बनने की ओर अग्रसर है। हाल ही होने वाला लॉन्च EOS-N1 सैटेलाइट पृथ्वी का निरीक्षण करेगा और मौसम की जानकारी, आपदा प्रबंधन और कृषि जैसे क्षेत्रों में मदद करेगा।





