पानी की कमी रोकने के लिए 1.42 करोड़ रिचार्ज संरचनाएं और वर्षा जल संचयन बनाए गए

नई दिल्ली।

पानी की कमी रोकने के लिए 1.42 करोड़ रिचार्ज संरचनाएं और वर्षा जल संचयन बनाए गए हैं जिससे भूजल स्तर को ऊंचा किया जा सके। इस पहल का मकसद वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों को फिर से भरना, बोरवेल रिचार्ज और रिचार्ज शाफ्ट जैसे तरीकों से भूजल स्तर को सुधारना है, ताकि आने वाले समय में पानी की कमी न हो। सरकार द्वारा तैयार भूजल कृत्रिम रिचार्ज मास्टर प्लान में अलग-अलग क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति के अनुसार रिचार्ज तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया गया है।

भूजल भारत की जल सुरक्षा का सबसे अहम आधार है। खेती, पीने का पानी, और पर्यावरण काफी हद तक भूजल पर निर्भर हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी निकालने, पानी की गुणवत्ता खराब होने, और जलवायु परिवर्तन के कारण भूजल पर दबाव बढ़ रहा है।

इसको देखते हुए जल शक्ति मंत्रालय के नेतृत्व में देश भर में 43 हजार से ज्यादा भूजल निगरानी केंद्र, 712 जल शक्ति केंद्र और 53,264 अटल जल गुणवत्ता जांच केंद्र काम कर रहे हैं।

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