उत्तराखंड के बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में जल्द ही गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर होगी रोक 

उत्तराखंड के बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में जल्द ही गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की तैयारी है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीएस) के अनुसार, सदियों पुराने मंदिरों में सिर्फ हिंदुओं की एंट्री होगी। यह प्रस्तावित पाबंदी समिति द्वारा चलाए जा रहे सभी मंदिरों पर लागू होगी, जिसमें बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम भी शामिल हैं।

इस बात की पुष्टि करते हुए बीकेटीएस के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि समिति के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि इस फैसले को लागू करने के लिए एक औपचारिक प्रस्ताव मंदिर समिति बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा।

इस महीने की शुरुआत में हरिद्वार के हर की पौड़ी को ‘गैर-हिंदुओं के लिए वर्जित’ घोषित करने वाले पोस्टर विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पर दिखाई दिए, जिससे विवाद खड़ा हो गया। इन पोस्टरों में हर की पौड़ी क्षेत्र को पूरी तरह से ‘हिंदू क्षेत्र’ बताया गया था, जिससे सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक पहुंच को लेकर बहस और तेज हो गई।

श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने इस घटनाक्रम के बारे में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “हर नागरिक के लिए कानून की बुनियादी जानकारी जरूरी है। हाल ही में सामने आई कुछ घटनाओं के बाद गंगा सभा को लगा कि लोगों को नियमों और विनियमों के बारे में जागरूक करना बहुत जरूरी है। इसी मकसद से हरिद्वार के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता बोर्ड लगाए गए हैं ताकि आम जनता, श्रद्धालु और पर्यटक कानून के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें और संबंधित अधिकारियों से भी जानकारी ले सकें।”

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