वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आयकर के नए नियमों का उद्देश्य टैक्स फाइलिंग को सरल बनाना, मुकदमेबाजी घटाना और छोटे मामलों में जेल जैसी सख्त कार्रवाई से बचाना है 

नई दिल्ली।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आयकर के नए नियमों का उद्देश्य टैक्स फाइलिंग को सरल बनाना, मुकदमेबाजी घटाना और छोटे मामलों में जेल जैसी सख्त कार्रवाई से बचाना है। टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया, लेकिन सरकार ने टैक्स सिस्टम को आसान और कम डरावना बनाने की दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं। जोर इस बात पर है कि ईमानदार करदाता तकनीकी भूल या जटिल नियमों की वजह से न तो परेशान हों और न ही कानूनी पचड़ों में फंसें।

बजट में एनआरआई के लिए एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब भारत में संपत्ति बेचने के दौरान एनआरआई को टीडीएस के लिए अलग से TAN लेने की जरूरत नहीं होगी। नई व्यवस्था के तहत प्रॉपर्टी खरीदने वाला भारतीय खरीदार ही टीडीएस काटेगा और उसे अपने PAN के जरिए सरकार के पास जमा करेगा।

बजट 2026 में विदेशी आय और संपत्ति से जुड़े मामलों में भी नरमी दिखाई गई है। कई बार करदाता जानबूझकर नहीं, बल्कि जानकारी की कमी के कारण विदेश में रखी छोटी संपत्तियों का खुलासा नहीं कर पाते। अब यदि किसी एनआरआई की विदेश में रखी गैर-अचल संपत्ति की कुल कीमत 20 लाख रुपये से कम है और उसका खुलासा नहीं हुआ है, तो उस पर कोई दंड या कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।

जिन एनआरआई ने न तो विदेशी आय और न ही संपत्ति की जानकारी दी है, उनके लिए सरकार ने एक सेटलमेंट विकल्प दिया है। ऐसे मामलों में 1 करोड़ रुपये तक की छुपी आय या संपत्ति पर 30 प्रतिशत टैक्स और अतिरिक्त 30 प्रतिशत शुल्क देकर पूरा मामला निपटाया जा सकता है। इसके बाद कोई जुर्माना या मुकदमा नहीं चलेगा।

नए टैक्स नियमों में सबसे बड़ा बदलाव ‘डिक्रिमिनलाइजेशन’ की दिशा में है। अब अकाउंट्स का ऑडिट न कराना, ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट न देना या जानकारी देने में चूक जैसी तकनीकी गलतियों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जा रहा है। ऐसे मामलों में अब जेल की बजाय मामूली शुल्क लिया जाएगा

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