आगरा।
केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा में 05 से 07 फरवरी 2026 तक आयोजित 71वीं अंतरराष्ट्रीय हिंदी संगोष्ठी के दूसरे दिन विभिन्न अकादमिक एवं वैचारिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। उल्लेखनीय है कि संगोष्ठी का शुभारंभ पूर्व दिवस राजस्थान के माननीय राज्यपाल श्री हरिभाऊ किशनराव बागडे जी द्वारा किया गया था।
आज के कार्यक्रमों के अंतर्गत हिंदी की लघु पत्रिकाओं को वित्तीय सहयोग प्रदान करने हेतु गठित चयन समिति द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार पत्रिकाओं का गहन एवं निष्पक्ष परीक्षण किया गया। इस चयन समिति में सामाजिक समरसता, साहित्यिक सक्रियता एवं रचनात्मक योगदान के दृष्टिगत राकेश चन्द्र शुक्ला को भी सदस्य के रूप में सम्मिलित किया गया।
प्रक्रिया के उपरांत कई हिंदी लघु पत्रिकाओं को केंद्रीय हिंदी संस्थान द्वारा नियमानुसार आर्थिक सहायता हेतु उपयुक्त पाया गया। प्रत्येक चयनित पत्रिका को पचास हजार रुपये (₹50,000/-) की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने का प्रावधान है। इस सहयोग से हिंदी पत्रकारिता, वैचारिक विमर्श एवं समाजोपयोगी साहित्य को नया संबल प्राप्त होगा।
संगोष्ठी के अंतर्गत अन्य सत्रों में देश-विदेश से पधारे विद्वानों, शिक्षाविदों एवं शोधार्थियों ने “कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में पुस्तकालय सेवाओं का बदलता स्वरूप” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
इसी अवसर पर महामना मालवीय मिशन की ओर से माननीय प्रधानमंत्री एवं माननीय उपराष्ट्रपति महोदय द्वारा विमोचित “महामना सम्पूर्ण वाङ्मय” की एक प्रति केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक डॉ. सुनील बाबू कुलकर्णी जी को भेंट की गई। निदेशक महोदय ने इसके सभी 23 खंडों को संस्थान के ग्रंथालय में सुरक्षित रखने की घोषणा की।







