
नई दिल्ली।
अग्नि-3 इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया है। इस टेस्ट में मिसाइल ने तय योजना के मुताबिक अपने मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, परीक्षण के दौरान अग्नि-3 इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल के सभी तकनीकी और ऑपरेशनल पैरामीटर पूरी तरह सफल रहे।
अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण भी ओडिशा के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज, चांदीपुर से स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड की देखरेख में ही किया गया था। इस दौरान मिसाइल की मार्गदर्शन प्रणाली, प्रणोदन प्रणाली, चरण विभाजन (स्टेज सेपरेशन) और अंतिम सटीकता (टर्मिनल एक्युरेसी) जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं का सफलतापूर्वक परीक्षण और प्रमाणन किया गया था।
अग्नि-5 मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता 5,000 किलोमीटर से अधिक है। यह मिसाइल इतनी दूरी तक के लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है। साथ ही भारतीय सेना ने अपनी एयर डिफेंस और निगरानी क्षमता को और सुदृढ़ करने के लिए भी एक अहम कदम उठाया है। सेना ने 30 लो-लेवल लाइटवेट रडार की खरीद के लिए करीब 725 करोड़ रुपए की निविदा जारी की है। ये रडार ड्रोन, कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों और छोटे एवं धीमी गति वाले लक्ष्यों की पहचान में बेहद प्रभावी होंगे। मौजूदा समय में ड्रोन से पैदा हो रहे खतरों को देखते हुए यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है।







