
नई दिल्ली।
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर कब्जा करने के बाद दुनिया भर के जहाजों का रास्ता बंद कर दिया लेकिन भारतीय जहाजों के लिए रास्ता खोला है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि यह लगातार बातचीत का परिणाम है और प्रक्रिया जारी है।
एस जयशंकर ने कहा, “निश्चित रूप से भारत के नजरिए से यह बेहतर है कि हम आपस में तर्क-वितर्क करें, आपस में तालमेल बिठाएं और कोई समाधान निकालें।” दिल्ली और तेहरान का एक-दूसरे के साथ लेन-देन का एक इतिहास रहा है और इसी आधार पर उन्होंने बातचीत की।
उन्होंने कहा, “यह एक्सचेंज का मुद्दा नहीं है। भारत और ईरान के बीच संबंध हैं। हम इस संघर्ष को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण मानते हैं।” डॉ. जयशंकर ने आगे कहा, “अभी तो शुरुआत ही हुई है। हमारे पास वहां और भी कई जहाज हैं। इसलिए, हालांकि यह एक स्वागत योग्य कदम है, फिर भी बातचीत जारी है, क्योंकि इस पर काम लगातार चल रहा है।”






