
होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए ट्रंप ने चीन और सहयोगी देशों से मदद मांगी, ऑस्ट्रेलिया, जापान, ब्रिटेन, जर्मनी ने नौसैनिक सहायता देने से कर दिया इनकार। इस मुद्दे पर ट्रंप अलग-थलग पड़ते दिख रहे हैं।
प्राप्त खबरों के अनुसार अमेरिका ने सात देशों से युद्धपोत भेजने की मांग की है, ताकि होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखा जा सके। एक उच्च अधिकारी ने कहा ‘मैं इन देशों से मांग करता हूं कि वे आगे आएं और अपने क्षेत्र की सुरक्षा करें, क्योंकि यह उनका ही क्षेत्र है।’
ईरान युद्ध के बीच तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद ट्रंप की अपील पर किसी देश ने कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं जताई है। हालांकि ट्रंप ने उन देशों का नाम बताने से इनकार कर दिया, जो पश्चिम एशिया के कच्चे तेल पर काफी हद तक निर्भर हैं।
ट्रंप ने उन देशों पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है, जिनसे उन्होंने होर्मुज में युद्धपोत भेजने की अपील की है। ट्रंप ने फाइनेंशियल टाइम्स को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा, ‘अगर कोई जवाब नहीं आता है या नकारात्मक जवाब आता है तो मुझे लगता है कि यह नाटो के भविष्य के लिए बहुत बुरा होगा।’ ट्रंप ने कहा कि खाड़ी की सुरक्षा के लिए चीन को भी मदद के लिए युद्धपोत भेजने चाहिए। जर्मनी ने कहा कि ईरान युद्ध से नाटो का कोई लेना-देना नहीं है।







