
नई दिल्ली।
सरकार द्वारा किसानों के लिए तैयार पोर्टल E -NAM पर अब तक 1 करोड़ 80 लाख किसान पंजीकृत हो चुके हैं। ई-एनएएम पर शुरुआत से लेकर फरवरी 2026 तक व्यापार किए गए कृषि उत्पादों की कुल मात्रा 13.22 करोड़ मीट्रिक टन है और मूल्य 4,82,350 करोड़ रुपये है।
कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने संसद को बताया कि 28 फरवरी, 2026 तक ई-एनएएम प्लेटफॉर्म पर 1.80 करोड़ किसान और 2.72 लाख व्यापारी पंजीकृत हो चुके हैं। यह एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लैटफॉर्म है जो कृषि उत्पादों के पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी ऑनलाइन व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) में स्थित वास्तविक थोक मंडियों को एकीकृत करता है। अपनी स्थापना के बाद से अब तक 23 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों की 1,656 मंडियों को ई-एनएएम पोर्टल पर शामिल किया गया है।
ई-एनएएम प्लैटफॉर्म किसानों को पारदर्शी ऑनलाइन बोली के माध्यम से खरीदारों के एक बड़े समूह को अपनी उपज बेचने में सक्षम बनाता है, जिससे उचित मूल्य निर्धारण और बेहतर मूल्य प्राप्ति में सुविधा होती है। यह मंच किसानों को राज्य और देश भर के खरीदारों तक पहुंच प्रदान करता है, जिससे प्रतिस्पर्धी कीमतों का पता लगाना और बिक्री से प्राप्त राशि को सीधे किसानों के बैंक खातों में स्थानांतरित करना संभव हो पाता है।
वर्तमान में राजस्थान में 134 ई-एनएएम मंडियां कृषि उत्पादों की गुणवत्ता जांच के लिए एआई-आधारित और एमएल-आधारित मशीनों का उपयोग कर रही हैं। इससे परीक्षण का समय काफी कम हो गया है, जिसके लिए भारत सरकार की ओर से ई-एनएएम योजना के तहत सहायता प्रदान की गई है।





