
नई दिल्ली।
ईरान युद्ध का प्रभाव लंबे समय तक रहने की आशंका है, इसलिए हमें तैयार रहना होगा, हमें एकजुट रहना होगा। पीएम मोदी ने संसद में ईरान युद्ध को लेकर अपने संबोधन में ये बात कही ।
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पीएम मोदी ने सोमवार को लोकसभा में युद्ध को लेकर भाषण दिया था। उन्होंने कहा था कि इस संकट का प्रभाव लंबे समय तक रहने वाला है और इसका सामना देशवासियों को कोरोना संकट की तरह ही करना होगा। उन्होंने कहा, ‘इस युद्ध के कारण दुनिया में बने हालात का प्रभाव लंबे समय तक रहने की आशंका है। इसलिए हमें तैयार रहना होगा, हमें एकजुट रहना होगा। हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। अब हमें फिर से उसी तरह तैयार रहने की आवश्यकता है। धीरज, संयम और शांत मन से हर चुनौती का मुकाबला करना है।’
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले तीन सप्ताह से अधिक समय से पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के हालात ने भारत के सामने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं जो आर्थिक सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय सुरक्षा से जुड़ी हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में कोरोना के जिक्र को सोशल मीडिया पर लॉकडाउन के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। कुछ लोग चर्चा करने लगे हैं कि भारत में कोरोना काल की तरह कहीं लॉकडाउन की स्थिति तो नहीं बन जाएगी?
सोशल मीडिया पर भी लोग अनेक प्रकार से इस संबंध में पोस्ट कर रहे हैं। कुछ विपक्षी दल भी ऐसी अफवाहों को बल दे रहे हैं। जबकि ऐसी कोई स्थिति नहीं है। अतः लोगों को घबराहट में आकर तेल या गैस का स्टॉक करने की जरूरत नहीं है। भारत में तेल और गैस का पर्याप्त स्टॉक है और ईरान से या ईरान के रास्ते से आने वाले भारतीय जहाजों की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं है, इसलिए भारत में तेल और गैस की आवक नियमित रूप से हो रही है।







