
नई दिल्ली।
यदि आपकी वार्षिक आय 12 लाख है तो सेक्शन 87ए से आपकी पूरी आय टैक्स फ्री हो जाएगी। नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 एक अप्रैल से पुराने इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की जगह लेगा। इसके जरिए सरकार की कोशिश इनकम टैक्स से जुड़े कानून और शब्दावली को सरल बनाना है।
फॉर्म 16 और फॉर्म 16ए को 1 अप्रैल से फॉर्म 130 और फॉर्म 131 से बदल दिया जाएगा। कर संबंधी नियमों का सुचारू रूप से पालन सुनिश्चित करने और कर दाखिल करने में स्पष्टता लाने के लिए इनके जारी करने की समय सीमा में संशोधन किया जा सकता है।
उद्देश्य टैक्स प्रक्रिया को डिजिटल, सरल और पारदर्शी बनाना है। प्रमुख बदलावों में टेक-होम सैलरी में बदलाव, फर्जी HRA क्लेम पर सख्ती, और नई कर व्यवस्था के तहत टैक्स राहत शामिल है।
नए नियमों के तहत आपका मूल वेतन कुल CTC का कम से कम 50% होना अनिवार्य होगा। इससे पीएफ और ग्रेच्युटी बढ़ेगी, लेकिन टेक-होम सैलरी में बदलाव आ सकता है।
वित्तीय वर्ष’ और ‘आकलन वर्ष’ की जगह अब ‘टैक्स ईयर’ शब्द का प्रयोग किया जाएगा। नया आयकर अधिनियम पारदर्शिता और डिजिटल अनुपालन पर क्रेंद्रित होगा। हालांकि, आपके टैक्स स्लैब और दरों में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन रिपोर्टिंग, वेरिफिकेशन और फाइलिंग का तरीका बदल जाएगा। यह नया नियम आपकी टेक-होम सैलरी और निवेश के खुलासे को सीधे प्रभावित करेगा।
एचआरए का दावा करते वक्त मकान मालिक की पहचान खुलासा करना अनिवार्य हो जाएगा। कर्मचारियों को नियोक्ता द्वारा आय की गणना और टीडीएस कटौती के समय फॉर्म 124 नामक एक अलग घोषणा पत्र में मकान मालिक का विवरण देना होगा। ताकि किराए के बढ़ा-चढ़ाकर या फर्जी दावों पर कड़ी निगरानी रखी जा सके।





