अमेरिका और यूरोप में ट्रंप के खिलाफ ‘नो किंग्स’ रैलियों के तहत हजारों लोग सड़कों पर उतरे, 80 लाख से अधिक लोग विरोध प्रदर्शनों में हुए शामिल

अमेरिका और यूरोप में ट्रंप के खिलाफ ‘नो किंग्स’ रैलियों के तहत हजारों लोग सड़कों पर उतरे, 80 लाख से अधिक लोग विरोध प्रदर्शनों में हुए शामिल 0इस आंदोलन का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखा। यूरोप, लातिन अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया समेत कम से कम 12 देशों में विरोध प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व Indivisible कर रहा है, जिसने इसे “नो टायरंट्स” नाम भी दिया है। इटली की राजधानी Rome में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री Giorgia Meloni के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों का भी विरोध किया।

अमेरिका इस वक्त दो मोर्चों पर जूझ रहा है. एक तरफ पश्चिम एशिया में ईरान के खिलाफ जंग जारी है जिसमें हजारों लोग मारे जा चुके हैं, दूसरी तरफ देश के भीतर इस युद्ध को लेकर ट्रंप का जबरदस्त विरोध हो रहा है।

‘नो किंग्स रैली’ में 80 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूरे अमेरिका के सभी 50 राज्यों में 3,300 से ज्यादा जगहों पर ये प्रदर्शन आयोजित किए गए।
मिनेसोटा इन प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र रहा। सेंट पॉल में मिनेसोटा कैपिटल के लॉन और आस-पास की सड़कों पर हजारों लोग कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे। कुछ लोगों के हाथों में अमेरिका के उलटे झंडे थे, जो ऐतिहासिक रूप से संकट का संकेत माना जाता है।

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि वे ट्रम्प सरकार की कई नीतियों से नाराज हैं। उनका गुस्सा खास तौर पर ईरान के साथ बढ़ते तनाव, सख्त इमिग्रेशन कार्रवाई और बढ़ती महंगाई को लेकर है। कई जगहों पर लोगों ने ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के खिलाफ पोस्टर दिखाए और उन्हें पद से हटाने की मांग की।

ट्रम्प के खिलाफ अब तक राष्ट्रीय स्तर पर 3 बार नो किंग्स प्रदर्शन हो चुके हैं। पहला बड़ा प्रदर्शन जून 2025 में आयोजित किया गया। इसके बाद अक्टूबर 2025 में दूसरा प्रोटेस्ट हुआ। जबकि तीसरा प्रोटेस्ट 28 मार्च यानी कल हुआ।

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