
नई दिल्ली।
आयुर्वेद अनुसंधान को भी 13 भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा। आयुर्वेद से जुड़े साक्ष्य-आधारित वैज्ञानिक ज्ञान को देशभर में अधिक सुलभ बनाने के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। परिषद ने अनुवादिनी एआई के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत आयुर्वेद अनुसंधान को 13 भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा।
यह पहल अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) द्वारा विकसित अनुवादिनी एआई के माध्यम से लागू होगी। इसका उद्देश्य साक्ष्य-आधारित आयुर्वेदिक जानकारी को भाषाई सीमाओं से परे आम लोगों तक पहुंचाना है।
अनुवादिनी एआई तकनीकी, वैज्ञानिक और शासन से जुड़ी जानकारी को विभिन्न भारतीय और विदेशी भाषाओं में अनुवादित करने पर केंद्रित है। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विश्वसनीय और शोध-आधारित जानकारी हर नागरिक तक उसकी भाषा में पहुंचे।
इस समझौते के तहत शोध सामग्री और शैक्षणिक संसाधनों का क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद होने से आयुर्वेद से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी अधिक लोगों तक पहुंचेगी।





