ईरान की सेना ने भी कड़ी चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो हार्मुज के दरवाजे बंद करके “नरक के दरवाजे खोल दिए जाएंगे”

ईरान की सेना ने कड़ी चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो हार्मुज के दरवाजे बंद करके “नरक के दरवाजे खोल दिए जाएंगे”। यह तनाव खास तौर पर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ा है, जो दुनिया के लिए तेल सप्लाई का बहुत अहम रास्ता है। ईरान ने अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में इस रास्ते पर रोक लगा दी है। पहले अमेरिका ने दावा किया था कि उसके पास आसमान पर पूरी पकड़ है, लेकिन इस विमान को गिराए जाने के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि ईरान की हवाई रक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है।

शनिवार को अमेरिकी सेना ने एफ-15 लड़ाकू विमान के एक सदस्य को ढूंढने के लिए सर्च और रेस्क्यू अभियान जारी रखा। यह विमान ईरान के ऊपर मार गिराया गया था। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को दुश्मन की गोलीबारी में अमेरिका के दो युद्धक विमान गिराए गए थे। इनमें से एक सदस्य को बचा लिया गया, लेकिन दूसरा अब भी लापता है।

यह पहली बार है जब इस युद्ध के दौरान किसी अमेरिकी विमान को ईरान की सीमा के अंदर मार गिराया गया है। इससे अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन की चिंता बढ़ गई है। बचाव अभियान भी आसान नहीं है। इस मिशन में शामिल अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर भी ईरान की तरफ से हमला किया गया, जिसमें कुछ लोग घायल हो गए। वहीं, ईरान के सरकारी मीडिया में लापता अमेरिकी कर्मी को पकड़ने के लिए इनाम की घोषणा भी की गई है।

दोनों देशों के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह होर्मुज स्ट्रेट को खोले, नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि “समय तेजी से खत्म हो रहा है और 48 घंटे में हालात बहुत खराब हो सकते हैं।”

इसके जवाब में ईरान की सेना ने भी कड़ी चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो होर्मुज बजाय “नरक के दरवाजे खोल दिए जाएंगे।” खबर है कि स्थानीय ईरानी लोग भी अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर गोली चला रहे हैं और कई समूह उस लापता सैनिक को खोजने में जुटे हैं। ईरान सरकार ने लापता अमेरिकी फाइटर पायलट को पकड़ने वाले को 60000 डॉलर का इनाम देने की घोषणा की है जिससे स्थानीय लोगों में अमेरिकी पायलट को पकड़ने की होड़ लगी है।

SHARE