भारत की परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि, फास्ट ब्रीडर रिएक्टर का व्यावसायिक संचालन करने वाला दूसरा देश बना भारत 

नई दिल्ली।

भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। भारत फास्ट ब्रीडर रिएक्टर का व्यावसायिक संचालन करने वाला दुनिया में रूस के बाद दूसरा देश बन गया है। फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की खास बात यह है कि यह जितना ईंधन उपयोग करता है, उससे ज्यादा नया ईंधन पैदा कर सकता है। इसमें यूरेनियम-प्लूटोनियम मिश्रित ईंधन (MOX) का उपयोग होता है और यह यूरेनियम-238 को प्लूटोनियम-239 में बदलता है।

यह तकनीक भविष्य में थोरियम आधारित ऊर्जा उत्पादन के लिए रास्ता तैयार करती है। भारत के पास थोरियम का बड़ा भंडार है, जिसे तीसरे चरण में इस्तेमाल किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया “क्लोज्ड फ्यूल साइकिल” पर आधारित है, जिसमें इस्तेमाल किए गए ईंधन को दोबारा उपयोग किया जाता है।

वर्तमान में भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता 8.78 गीगावाट है और 2024-25 में 56,681 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ। आने वाले वर्षों में इसे बढ़ाकर 22.38 गीगावाट तक ले जाने की योजना है।

सरकार का लक्ष्य 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करना है। इसके लिए “न्यूक्लियर एनर्जी मिशन” के तहत 20,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) विकसित किए जा रहे हैं।

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