
स्वर-साम्राज्ञी आशा भोसले नहीं रही लेकिन उनके गीत उन्हें हमेशा जिंदा रखेंगे। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर ने फिल्म और संगीत जगत को स्तब्ध कर दिया। मानो एक युग, एक एहसास, एक धड़कन अचानक थम गई हो।
प्यार की मधुरता, विरह की टीस, खुशी की खिलखिलाहट और दर्द की गहराई, सब कुछ उसमें समाया था। उनके गीतों ने पीढ़ियों को केवल सुनना नहीं, बल्कि महसूस करना सिखाया। आज जब वह स्वर खामोश हुआ है, तो हर धुन भारी और हर सन्नाटा कहीं अधिक गूंजता प्रतीत होता है।
जुबिन नौटियाल ने श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि “वह आवाज, जिसने खामोशी को भी आत्मा दे दी थी, आज स्वयं खामोशी में विलीन हो गई।” उनके शब्दों में, दुनिया ने केवल एक गायिका नहीं, बल्कि एक युग, एक भावना और अनगिनत यादों का संसार खो दिया है, जिसकी गूंज हर दिल में सदा जीवित रहेगी।
सुधांशु पांडे ने एक भावुक स्मृति साझा करते हुए कहा कि उनकी गोद में सिर रखकर खिंचवाई गई तस्वीर अब जीवन की सबसे अनमोल धरोहर बन गई है। वहीं जैमी लीवर ने स्वीकार किया कि वह उनकी कला से इतनी प्रभावित थीं कि अनायास ही उनकी शैली को अपनाने लगीं पर “आशा जी जैसी कोई दूसरी हो ही नहीं सकती।”





