स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के श्रीमुख से राम-भरत मिलाप प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु, परखम में उमड़ा आस्था का सैलाब

गऊ ग्राम, फरह, मथुरा।

स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के श्रीमुख से राम-भरत मिलाप प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। परखम में उमड़ा आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। दीनदयाल कामधेनु गौशाला अनुसंधान केंद्र में श्रीराम कथा का षष्ठम दिवस में गौ-सेवा को सर्वोपरि तीर्थ बताया गया।
दीनदयाल कामधेनु गौशाला अनुसंधान केंद्र, परखम के पावन प्रांगण में आयोजित भव्य श्रीराम कथा के छठे दिन भक्ति, वैराग्य और वात्सल्य की अविरल गंगा बही।

व्यासपीठ पर विराजमान पूज्यपाद निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के श्रीमुख से रामकथा का श्रवण कर उपस्थित विशाल जनसमूह भाव-विभोर हो उठा। राम नाम के उस निर्मल रस का आस्वादन कर समूचा पांडाल राममय हो गया।

कथा व्यास स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने भगवान श्रीराम के वनवास, अयोध्यावासियों के तीव्र शोक और अत्यंत मार्मिक ‘भरत-राम मिलाप’ प्रसंग का ऐसा सजीव और हृदयस्पर्शी वर्णन किया कि उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें छलक आईं। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम को ‘वैराग्य कुल भूषण’ की उपमा से अलंकृत करते हुए कहा कि जिस प्रकार मोक्षदायिनी नदियां अपने दर्शन और स्नान मात्र से जीवात्मा को पवित्र करती हैं, उसी प्रकार श्रीराम की पावन कथा का श्रवण हृदय के समस्त विकारों को नष्ट कर अंतःकरण को शुद्ध कर देता है।

इस पुनीत अवसर पर उन्होंने गौ-माता की महिमा का भी विशेष उल्लेख किया और उद्घोष किया कि निःस्वार्थ गौ-सेवा समस्त तीर्थों के दर्शन व स्नान से भी अधिक पुण्यदायी एवं सर्वोपरि कल्याणकारी है।

*मूर्धन्य संतों का मिला पावन सान्निध्य*
कथा के इस पावन अवसर पर देश के कई मूर्धन्य संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही। व्यासपीठ के सान्निध्य में प्रमुख रूप से श्री पंच दिगंबर अनी अखाड़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष परम पूज्य श्री माधव दास मौनी बाबा महाराज, ब्रज तीर्थ देवालय न्यास के उपाध्यक्ष पूज्य सेवायत गोस्वामी मधुसूदन जी महाराज, महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी कृष्णानंद जी महाराज, क्रांतिकारी संत श्री सत्यमित्रानंद जी महाराज एवं स्वामी सत्यानंद गिरि जी महाराज उपस्थित रहे।

*विशिष्ट अतिथियों व दिग्गजों ने की सहभागिता*
षष्ठम दिवस की कथा का शुभारंभ मुख्य यजमान श्रीमती साधना कौशिक एवं श्री सुरेश कौशिक द्वारा सपरिवार व्यासपीठ के विधिवत पूजन-अर्चन के साथ हुआ। आयोजन में श्री योगेन्द्र उपाध्याय उच्च शिक्षा मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार सहित राजनीति, समाज सेवा और उद्योग जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

इनमें प्रमुख रूप से अखिल भारतीय गौ गतिविधि संयोजक अजीत महापात्र जी, कथा संयोजक इंजीनियर उमेश शर्मा और अभिषेक गौड़, उत्तराखण्ड एवं प.उ.प्र. के क्षेत्र प्रचारक श्री महेन्द्र जी, ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. के. लक्ष्मण, उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री सतीश अवाना व श्रीमती सविता अवाना तथा इगलास विधायक राजकुमार सहयोगी शामिल रहे। इसके अतिरिक्त ओमेक्स ग्रुप के सुनील सोलंकी, सेवा भारती (आगरा) के संजय सिंघल, प्रांत प्रचार प्रमुख कीर्ति कुमार जी, श्री कृष्ण जन्मभूमि के वादी महेंद्र जी, दीनदयाल कामधेनु गौशाला के मंत्री हरीशंकर शर्मा और क्षेत्रीय महामंत्री हेमंत राजपूत ने भी आयोजन की गरिमा बढ़ाई।

समारोह में गाजियाबाद से यशपाल धामा, संजय जैन; ग्रेटर नोएडा से अशोक नागर, तरुण नागर; अलीगढ़ से विवेक अग्रवाल, राकेश गुप्ता; मेरठ से सचिन बंसल तथा फरीदाबाद, बुलंदशहर व कासगंज सहित विभिन्न क्षेत्रों से पधारे अनेक गणमान्य जनों ने भी रामकथा का श्रवण लाभ प्राप्त किया।

मंच का गरिमामय एवं ओजस्वी संचालन हरिद्वार वेद विद्यालय आश्रम के आचार्य एवं वेदपाठी श्री पवन दत्त मिश्र द्वारा किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस भव्य कथा का सीधा प्रसारण संस्कार टीवी एवं विभिन्न डिजिटल मंचों पर किया जा रहा है, जिससे देश-विदेश के असंख्य श्रद्धालु इस ज्ञान-गंगा से जुड़ रहे हैं।

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