
नई दिल्ली।
गुजरात के धोलेरा में टाटा ग्रुप लगाएगा भारत का पहला चिप निर्माण संयंत्र। सरकार ने टाटा सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) को अधिसूचित कर मंजूरी दे दी है। इस संबंध में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने गुरुवार को जानकारी दी।
यह परियोजना देश का पहला सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन (चिप निर्माण) प्लांट होगी, जो भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकती है। सरकार ने सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए एसईजेड नियमों में कई अहम बदलाव किए हैं। 3 जून 2025 को जारी अधिसूचना के तहत न्यूनतम भूमि आवश्यकता 50 हेक्टेयर से घटाकर 10 हेक्टेयर कर दी गई है।
नवाचार को बढ़ावा देने और कारोबार को आसान बनाने के लिए कुछ जरूरी और आकर्षक कदम उठाए गए हैं, जैसे जमीन उपयोग में लचीलापन, फ्री सप्लाई को नेट फॉरेन एक्सचेंज में शामिल करना और घरेलू बाजार (डीटीए) में बिक्री की अनुमति जैसे प्रावधान शामिल हैं।
सुधारों के बाद कई बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इनमें माइक्रोन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का साणंद में सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग प्लांट शामिल है, जिसमें करीब 13,000 करोड़ रुपए का निवेश होगा। इसके अलावा, एक्वस समूह कर्नाटक के धारवाड़ में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग एसईजेड स्थापित कर रहा है।





