
केतु ने 20 अप्रैल को मघा नक्षत्र में प्रवेश किया है और 5 दिसंबर तक इसी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। इस दौरान कई राशियों को उथल पुथल भी करेंगे। ज्योतिषविदों का मानना है कि विशेष रूप से चार राशियों मेष, वृश्चिक, कुंभ और मीन के लिए यह समय खतरे की घंटी की तरह हो सकता है।
आने वाला कुछ समय इन जातकों के लिए उतार-चढ़ाव और चुनौतियों से भरा रहने वाला है। आइए जानते हें मघा नक्षत क्या होता है केतु के परिवर्तन के बाद किन राशि वालों को सावधान रहने की जरूरत है।
वैदिक ज्योतिष में मघा नक्षत्र को बेहद प्रभावशाली और रहस्यमयी माना जाता है। इसका स्वामी केतु है, जबकि इसका संबंध पितरों और पूर्वजों से जोड़ा जाता है। यह नक्षत्र सिंह राशि में स्थित होता है और राजसी वैभव, अधिकार, सम्मान और परंपरा का प्रतीक माना जाता है।





